मिशन 2019 को लेकर एक्शन में सीएम योगी, जीत के लिए प्रभारी मंत्रियों को सौंपा एजेंडा
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मिशन 2019 की फतह के लिए कोशिशों में जुटी भाजपा सरकार ने इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रभारी मंत्रियों को एजेंडा सौंपा है। इन्हें भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए संगठन के साथ समन्वय करके केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कामों को जमीन पर दिखाने तथा अब तक वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंगलवार को लखनऊ में कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों के साथ इस सिलसिले में लगभग पौने दो घंटा बैठक की। बैठक में लापरवाह, निरंकुश और सरकार के निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के साथ अब कड़ाई से पेश आने का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश के दौरे के साथ सरकार की तरफ से चलने वाले पौधरोपण जैसे अभियानों पर भी फोकस करने एवं इनके साथ अपने सरोकार जोड़ने की हिदायत भी दी।
अधिकारियों व पुलिस पर सतर्क निगाह रखें मंत्री
राष्ट्रपति 10 अगस्त को और प्रधानमंत्री 28 व 29 जुलाई को लखनऊ आ रहे हैं। सरकार ने 15 अगस्त को बड़े पैमाने पर पौधरोपण का फैसला किया है। बैठक में इन कार्यक्रमों के लिए उत्साह का माहौल बनाने की जिम्मेदारी भी मंत्रियों को सौंपी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों के तबादलों का काम पूरा हो चुका है। ज्यादातर लोगों को उनकी अपेक्षा के अनुरूप तैनाती दी चुकी है। इसलिए अब अधिकारियों के साथ भी नरमी या ढिलाई बरतने का सवाल नहीं है।
प्रभारी मंत्री इस बात पर नजर रखें कि अधिकारी ठीक से काम करें। जनता की समस्याओं के समाधान पर विशेष नजर रखी जाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर खास निगाह रखने का फैसला भी किया गया। लोगों का उत्पीड़न न हो और उन्हें भटकना न पड़े। इस पर भी मंत्रियों को नजर रखनी होगी।
नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट की समीक्षा करें
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोडल अधिकारियों को हर दो सप्ताह पर संबंधित जिलों में जाकर वहां की समीक्षा करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके लिए 61 बिंदु तय किए गए हैं। प्रभारी मंत्री नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट की हर चौथे सप्ताह समीक्षा करें। इसके लिए वे जिलों में जाएं। वे इस रिपोर्ट की जमीनी हकीकत का भी परीक्षण करें।
नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर वह निर्माण कार्यों की भी जांच करें और अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को दें। यह रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी होगी।