योगी की धर्मगुरुओं से अपील- कोरोना पंथ, मत व मजहब नहीं देखता, मिलकर मुकाबला करना होगा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को धर्मगुरुओं से कोरोना वायरस कोविड-19 से मुकाबले के लिए एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने धर्मगुरुओं से अनुरोध किया कि वे अपने समुदायों के लोगों को सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन कराने के लिए उनका मार्गदर्शन करें।
उन्होंने धर्मगुरुओं से अपील की कि वे कोरोना के संबंध में फेक न्यूज फैलाने वालों से बचने के लिए अपने समुदाय के लोगों को जागरूक करें ताकि भ्रम की स्थिति न बने। धर्मगुरुओं ने भी मुख्यमंत्री को लॉकडाउन का पूरी तरह पालन कराने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम प्रदेश भर के धर्मगुरुओं के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की। उनसे सरकार की ओर से उठाए गए कदमों व तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं करने की राज्य सरकार की अपील मानने के लिए धर्मगुरुओं की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण हो या कोई भी बीमारी वह पंथ, मत, संप्रदाय और मजहब नहीं देखती है इसलिए कोविड-19 का मुकाबला भी बिना भेदभाव के सबको मिलकर करना होगा। उन्होंने धर्मगुरुओं से कहा कि वे अपनी आवश्यकताओं से प्रशासन को अवगत कराए। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने धर्मगुरुओं से अपील की कि वे लोगों को प्रशासन और पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।
दुनिया की बड़ी ताकतें भारत की ओर सहयोग की दृष्टि से देख रही हैं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश में कोरोना सेकेंड स्टेज पर ही थम गया है। इतना ही नहीं, दुनिया की बड़ी ताकतें अब भारत की ओर सहयोग की दृष्टि से देख रही हैं। कोरोना की रोकथाम के लिए प्रदेश स्तर पर कई प्रयास किए गए हैं। इसके सार्थक परिणाम आ रहे थे लेकिन तब्लीगी जमात के कारण अचानक परिस्थितियां कुछ बदली हैं। इसके बाद भी हमारा कंट्रोल बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि कहा कि धर्मगुरुओं का समाज पर गहरा असर होता है। इसीलिए उनसे सहयोग मांग रहे हैं। वे अपने सुझाव मौखिक या लिखित रूप में दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बातचीत की शुरूआत वाराणसी से की। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि सभी धर्मगुरू अपने-अपने स्तर पर लॉकडाउन के प्रति लोगों को जागरूक करें। मौजूदा वक्त में हमें पुलिस का सहयोग करते हुए इस काम को खुद करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के सतुआ बाबा का भी हाल-चाल लिया।
क्वारंटीन लोगों को न लगे कि वे गिरफ्तार हैं: मदनी
सहारनपुर से मौलाना मसूद मदनी ने कहा कि जिन लोगों को क्वारंटीन किया जाए उन्हें यह नहीं लगना चाहिए कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संदिग्ध या संक्रमित लोगों को क्वारंटीन करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों व धर्मगुरुओं को विश्वास में लिया जाए तो यह काम और आसान होगा। उन्होंने कहा कि अलगाव पैदा करने वाली खबरों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने आश्वस्त किया कि पुलिस की ओर से जबरन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ऑडियो क्लिप मस्जिदों में सुनाई जाए: फिरंगीमहली
लखनऊ से मौलाना यासूब अब्बास और खालिद रशीद फिरंगीमहली ने सुझाव दिए। फिरंगीमहली ने कहा कि उनकी व अन्य धर्मगुरूओं की कोरोना से रोकथाम व बचाव संबंधी ऑडिओ क्लिप बनाकर उसे मस्जिदों व मुस्लिम बहुल इलाकों में सुनाया जाए। इसके अलावा प्रदेश के हर वार्ड में कोरोना वॉरियर्स कमेटी का गठन किया जाए।
नमाज के लिए जिंदा रहना जरूरी: जव्वाद
शिया समुदाय के धार्मिक नेता कल्बे जव्वाद ने कहा कि कुरान में इंसानियत की हिफाजत की बात कही गई है। नमाज के लिए जिंदा रहना जरूरी है और जिंदा रहने के लिए डॉक्टरों व हुकूमत के सुझाव को मानने में ही सबकी भलाई है।
गुड फ्राइडे पर नहीं होगा आयोजन: फादर
आगरा के फादर नून ने बताया की ईसाई धर्म में यह सप्ताह खास होता है। इसमें गुड फ्राइडे भी शामिल है। प्रशासन व शासन की पहल पर कोरोना की रोकथाम के लिए ईसाई समाज कोई आयोजन नहीं करेगा, सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करेगा।
अयोध्या में लैब खोलने की मांग
प्रयागराज में संगमतट स्थित हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी ने हालात की जानकारी दी। इस मौके पर निर्मोही अखाड़े से महंत और सिख धर्म गुरू जोगिंदर सिंह ने भी अपनी बात रखी। अयोध्या से धर्मगुरुओं ने बातचीत में कहा कि राम की नगरी में देश-विदेश से लोगों का आवागमन होता है। इसके लिए जरूरी है कि यहां टेस्टिंग लैब बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने इसका आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार हर जिले में लैब खोलने की तैयारी कर रही है।