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खेलते वक्त लगी चोट को न करें नजरअंदाज, बन सकती है बड़ी बीमारी की वजह

Mon, 02 Mar 2020 05:37 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 02 Mar 2020 05:37 PM IST
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workshop on orthotic management of sports related injury in lucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर
खेलते वक्त मोच आने, मांसपेशियों में चोट आने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी जांच करा लें। यह लिगामेंट इंजरी हो सकती है जिसे नजरअंदाज करने से भविष्य में नियमित दर्द का कारण भी बन सकती है।
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यह कहना है केजीएमयू के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता का। वह विभाग में ऑर्थोटिक प्रोस्थेटिक एसोसिएशन ऑफ  इंडिया (ओपाई) के यूपी चैप्टर की ओर से ऑर्थोटिक मैनेजमेंट ऑफ  स्पोर्ट्स रिलेटेड एन्जरी पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
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प्लास्टिक के उपकरण ज्यादा आरामदेह

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डॉ अनिल गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

डॉ. गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर खिलाड़ियों के साथ यह समस्या ज्यादा आती है। करीब 40 फीसदी खिलाड़ी चोट को नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में उनके कॅरिअर पर असर डालने लगती है। इस दौरान लिंब सेंटर की कार्यशाला की ओर से तैयार किए गए विभिन्न उपकरणों की जानकारी दी गई।

ये उपकरण पहले लकड़ी और लोहे से तैयार किए जाते थे। अब उन्हें प्लास्टिक से तैयार किया जा रहा है। प्लास्टिक के उपकरण कम वजनी होने की वजह से ज्यादा आरामदेह हैं।

उपकरण की फिटनेस पर दें ध्यान

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शगुन सिंह - फोटो : अमर उजाला

चोट लगने पर यदि मरीज को उपकरण पहना रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि वह मरीज केलिए कितना आरामदायक है। उपकरण पहनने पर त्वचा में लालपन होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए। उपकरण कहीं से दबाव डाल रहा हो या उसकी वजह से शरीर के दूसरे हिस्से में दर्द हो रहा हो तो भी डॉक्टर और उपकरण बनाने वाले विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
- शगुन सिंह, प्रोस्थेटिक ऑर्थोटिक विशेषज्ञ
 

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चौड़े पंजे वाला जूता लें, नहीं होगा पैर व कमर में दर्द

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अरविंद कुमार निगम - फोटो : अमर उजाला
जूता खरीदते समय यह देख लें कि पंजा फिट बैठ रहा है या नहीं। चौड़े पंजे वाले और अंगुलियों पर दबाव नहीं देने वाले जूते पहनने से पैर व कमर में दर्द नहीं होता है। जूता सुबह और देर शाम नहीं खरीदना चाहिए। जूता खरीदने के लिए दोपहर का वक्त सबसे बेहतर होता  है। इस दौरान नाप लेने से उसका आकार सही तरीके से पता चल जाता है। इसी तरह ऊंची एड़ी के जूते पहनने से भी परहेज करना चाहिए। इससे कमर और पैरों में दर्द बढ़ता है। - अरविंद कुमार निगम, सचिव ओपाई
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