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Lucknow News: पिटाई से घायल श्रमिक की मौत, शव रखकर प्रदर्शन
Wed, 08 Jul 2026 02:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 08 Jul 2026 02:40 AM IST
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शव रखकर प्रदर्शन करते परिजन व ग्रामीण।
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सरोजनीनगर। बंथरा में 27 जून को हुई पिटाई में घायल मवई पड़ियाना गांव निवासी श्रमिक जितेंद्र कुमार (32) की मंगलवार सुबह मौत हो गई। मामले में एफआईआर दर्ज न किए जाने से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ सुबह आठ बजे मवई चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे एसीपी कृष्णानगर अभिषेक पांडेय ने तीन आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराकर प्रदर्शन खत्म कराया।
रामकुमार रावत के अनुसार, 27 जून को उनका बेटा जितेंद्र बाइक बनवाने मवई चौराहा जा रहा था। रास्ते में महिपाल रावत की बकरी उसकी बाइक से टकरा गई। इस पर महिपाल ने जितेंद्र से गाली-गलौज की। जितेंद्र का छोटा भाई सुमित उसे बचाने पहुंचा तो महिपाल, उसके भतीजे अनीस और एक अन्य ने सुमित को पकड़ लिया। उन्होंने जितेंद्र को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसका सिर फट गया और वह बेहोश हो गया।
पहले पुलिस ने कराई थी सुलह
रामकुमार ने बताया कि जितेंद्र को दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बंथरा थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने आरोपी महिपाल से इलाज का खर्च उठाने की शर्त पर समझौता करा दिया। सोमवार शाम को महिपाल ने इलाज का खर्च देने से मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने जितेंद्र को डिस्चार्ज कर दिया। मंगलवार तड़के करीब चार बजे जितेंद्र ने अपनी बहन पिंकी के घर दम तोड़ दिया।
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पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप
रामकुमार के अनुसार, सुबह छह बजे वह फिर बंथरा थाने गए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आक्रोशित होकर उन्होंने ग्रामीणों के साथ शव चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। एसीपी कृष्णानगर और इंस्पेक्टर बंथरा राणा राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जितेंद्र के परिजनों को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने रामकुमार की तहरीर पर महिपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। बाद में परिजनों की मांग पर अनीस और एक अन्य आरोपी का नाम भी बढ़ाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुबह जितेंद्र के पिता थाने आए तो एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई थी। मगर उन्हें गलतफहमी हो गई। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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रामकुमार रावत के अनुसार, 27 जून को उनका बेटा जितेंद्र बाइक बनवाने मवई चौराहा जा रहा था। रास्ते में महिपाल रावत की बकरी उसकी बाइक से टकरा गई। इस पर महिपाल ने जितेंद्र से गाली-गलौज की। जितेंद्र का छोटा भाई सुमित उसे बचाने पहुंचा तो महिपाल, उसके भतीजे अनीस और एक अन्य ने सुमित को पकड़ लिया। उन्होंने जितेंद्र को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसका सिर फट गया और वह बेहोश हो गया।
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पहले पुलिस ने कराई थी सुलह
रामकुमार ने बताया कि जितेंद्र को दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बंथरा थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने आरोपी महिपाल से इलाज का खर्च उठाने की शर्त पर समझौता करा दिया। सोमवार शाम को महिपाल ने इलाज का खर्च देने से मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने जितेंद्र को डिस्चार्ज कर दिया। मंगलवार तड़के करीब चार बजे जितेंद्र ने अपनी बहन पिंकी के घर दम तोड़ दिया।
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पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप
रामकुमार के अनुसार, सुबह छह बजे वह फिर बंथरा थाने गए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आक्रोशित होकर उन्होंने ग्रामीणों के साथ शव चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। एसीपी कृष्णानगर और इंस्पेक्टर बंथरा राणा राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जितेंद्र के परिजनों को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने रामकुमार की तहरीर पर महिपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। बाद में परिजनों की मांग पर अनीस और एक अन्य आरोपी का नाम भी बढ़ाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुबह जितेंद्र के पिता थाने आए तो एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई थी। मगर उन्हें गलतफहमी हो गई। आरोपियों की तलाश की जा रही है।