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खुलासा : पूर्वोत्तर राज्यों से मानव तस्करी करने वाले गिरोह ने पूरे देश में फैला रखा है नेटवर्क
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लखनऊ। पूर्वोत्तर राज्यों से मानव तस्करी खासकर किशोरियों को बेचने वाले गिरोह का नेटवर्क यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश में फैला है। गोमतीनगर पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को दबोच इनसे असम की दो किशोरियों को मुक्त कराने के बाद नेटवर्क की जड़ें खंगालने खंगालने में लग गई है। गिरोह के सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पूर्वोत्तर राज्यों से गरीब परिवार की किशोरियों को नौकरी व बड़े घरों में काम दिलाने का झांसा देकर पूरे देश में बेचा जाता है। इसका खुलासा गोमतीनगर थाने मेें दबोचे गये मानव तस्करी गिरोह के पांच सदस्यों ने किया। बताया कि कम पढ़े लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 13 से 17 साल की किशोरियों को निशाना बनाते हैं। इन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित कई जिले, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, गुड़गांव, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बड़े जिलों में कारोबारियों के घरों में नौकरी दिलाने के नाम पर लगा देते हैं। आरोपियों ने बताया कि असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों की किशोरियों को लेकर वह ट्रेनों से दिल्ली व तय स्थान पर जाते हैं। वहां उन्हें होटल ठहराते हैं। वहीं गिरोह का सरगना आता है और तय करता है कि किसे कहां भेजा जाना है।
हर माह 10 से 15 हजार भेजने का हैं लालच
किशोरियों को साथ लाने से पहले उनके परिवार को कुछ रकम देते हैं। साथ ही हर माह खाते में 10 से 15 हजार रुपये भेजने का आश्वासन देते हैं। किशोरी के रहने खाने व कपड़े के इंतजाम का भी भरोसा देते हैं।
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सेक्स रैकेट चलाने वाले करते हैं मांग
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक गिरोह के फैजुद्दीन व उसकी पत्नी फरजाना असम व आसपास के प्रदेशों से किशोरियां लाते थे। फैजुद्दीन ने बताया कि वह छह साल से इस गिरोह के साथ है। वह किशोरियों को लेकर दिल्ली जाता है। उसे प्रति किशोरी 20 से 50 हजार रुपये मिलते हैं। उसने बताया कि इन किशोरियों की मांग सेक्स रैकेट चलाने वाले करते हैं। इनका सौदा काफी मंहगे दाम पर करते हैं।
दिल्ली में बैठकर गिरोह चला रहा सरगना
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना कुलदीप सिंह बाबा दिल्ली में रहता है। उसका खुद का होटल है। वह पूर्वोत्तर राज्यों से मंगाई गई किशोरियों से खुद के और अन्य होटलों में भी काम करवाता है। किशोरियों के बदले में सिक्योरिटी मनी के तौर पर 50 हजार से एक लाख रुपये रखवा लेता है। वह अपने सहयोगियों के जरिये उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, गुरुग्राम, छत्तीसगढ़, हैदराबाद सहित कई जगह किशोरियों को भेजता है। उसके नेटवर्क में कई छोटे व बड़े सेक्स रैकेट भी हैं। उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगी हैं।
डेढ़ से दो लाख रुपये हर महीने मांगता था कुलदीप
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि पूर्वोत्तर राज्यों की किशोरियों की मांग सेक्स रैकेट गिरोह में अधिक है। एक किशोरी के बदले में सेक्स रैकेट चलाने वालों से वाले कुलदीप को हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये की कमाई हो जाती है। लखनऊ में पकड़े गये गिरोह में एक दंपती भी है। गाजीपुर इलाके का सनी गुप्ता अपनी पत्नी के साथ गिरोह चलाता है। उसने पुलिस को बताया कि उसे जो दो किशोरियां दी गई थीं। प्रति किशोरी एक दिन का पांच हजार रुपये देना था। यह रकम सप्ताह के हिसाब से कुलदीप को भेज दी जाती थी।
गिरोह के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक गिरोह के पास से कई मोबाइल मिले हैं। इनमें मिले नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है। इन मोबाइलों में कई रसूखदारों नंबर भी हैं। एडीसीपी पूर्वी के मुताबिक हाल ही चिनहट में सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था तो वहां भी असम की युवतियां मिली थी। दोनों गिरोह का कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।
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पूर्वोत्तर राज्यों से गरीब परिवार की किशोरियों को नौकरी व बड़े घरों में काम दिलाने का झांसा देकर पूरे देश में बेचा जाता है। इसका खुलासा गोमतीनगर थाने मेें दबोचे गये मानव तस्करी गिरोह के पांच सदस्यों ने किया। बताया कि कम पढ़े लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 13 से 17 साल की किशोरियों को निशाना बनाते हैं। इन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित कई जिले, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, गुड़गांव, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बड़े जिलों में कारोबारियों के घरों में नौकरी दिलाने के नाम पर लगा देते हैं। आरोपियों ने बताया कि असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों की किशोरियों को लेकर वह ट्रेनों से दिल्ली व तय स्थान पर जाते हैं। वहां उन्हें होटल ठहराते हैं। वहीं गिरोह का सरगना आता है और तय करता है कि किसे कहां भेजा जाना है।
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हर माह 10 से 15 हजार भेजने का हैं लालच
किशोरियों को साथ लाने से पहले उनके परिवार को कुछ रकम देते हैं। साथ ही हर माह खाते में 10 से 15 हजार रुपये भेजने का आश्वासन देते हैं। किशोरी के रहने खाने व कपड़े के इंतजाम का भी भरोसा देते हैं।
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सेक्स रैकेट चलाने वाले करते हैं मांग
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक गिरोह के फैजुद्दीन व उसकी पत्नी फरजाना असम व आसपास के प्रदेशों से किशोरियां लाते थे। फैजुद्दीन ने बताया कि वह छह साल से इस गिरोह के साथ है। वह किशोरियों को लेकर दिल्ली जाता है। उसे प्रति किशोरी 20 से 50 हजार रुपये मिलते हैं। उसने बताया कि इन किशोरियों की मांग सेक्स रैकेट चलाने वाले करते हैं। इनका सौदा काफी मंहगे दाम पर करते हैं।
दिल्ली में बैठकर गिरोह चला रहा सरगना
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना कुलदीप सिंह बाबा दिल्ली में रहता है। उसका खुद का होटल है। वह पूर्वोत्तर राज्यों से मंगाई गई किशोरियों से खुद के और अन्य होटलों में भी काम करवाता है। किशोरियों के बदले में सिक्योरिटी मनी के तौर पर 50 हजार से एक लाख रुपये रखवा लेता है। वह अपने सहयोगियों के जरिये उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, गुरुग्राम, छत्तीसगढ़, हैदराबाद सहित कई जगह किशोरियों को भेजता है। उसके नेटवर्क में कई छोटे व बड़े सेक्स रैकेट भी हैं। उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगी हैं।
डेढ़ से दो लाख रुपये हर महीने मांगता था कुलदीप
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि पूर्वोत्तर राज्यों की किशोरियों की मांग सेक्स रैकेट गिरोह में अधिक है। एक किशोरी के बदले में सेक्स रैकेट चलाने वालों से वाले कुलदीप को हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये की कमाई हो जाती है। लखनऊ में पकड़े गये गिरोह में एक दंपती भी है। गाजीपुर इलाके का सनी गुप्ता अपनी पत्नी के साथ गिरोह चलाता है। उसने पुलिस को बताया कि उसे जो दो किशोरियां दी गई थीं। प्रति किशोरी एक दिन का पांच हजार रुपये देना था। यह रकम सप्ताह के हिसाब से कुलदीप को भेज दी जाती थी।
गिरोह के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक गिरोह के पास से कई मोबाइल मिले हैं। इनमें मिले नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है। इन मोबाइलों में कई रसूखदारों नंबर भी हैं। एडीसीपी पूर्वी के मुताबिक हाल ही चिनहट में सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था तो वहां भी असम की युवतियां मिली थी। दोनों गिरोह का कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।