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इंसाफ के लिए झोले में गर्भ लेकर भटक रही महिला, गलत इलाज से हो गया था गर्भपात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरीगंज (अमेठी)
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:30 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
अमेठी जिले की पुलिस संवेदनहीनता एक मामला सामने आया है। बुधवार को अपना चार माह का भ्रूण झोले में लेकर एसपी ऑफिस पहुंची महिला ने फुरसतगंज पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना था कि वह नामजद तहरीर लेकर थाने गई लेकिन उसकी प्राथमिकी नहीं दर्ज की गई। एएसपी के हस्तक्षेप पर बुधवार देर शाम प्राथमिकी दर्ज की गई।
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फुरसतगंज क्षेत्र के ब्रम्हनी गांव निवासी राजेश सिंह की पत्नी साधना को चार माह का गर्भ था। 19 मार्च की दोपहर उसे अचानक पेट में पीड़ा शुरू हो गई। राजेश पत्नी का इलाज कराने जा रहा था। राजेश के मुताबिक रास्ते में निगोहा निवासी परिचित सोमवती ने उसे आश्वस्त करते हुए इंजेक्शन लगाया। साधना की मानें तो इंजेक्शन लगने के बाद उसे असहनीय दर्द हुआ और उसका गर्भपात हो गया।
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पति-पत्नी ने सोमवती से पूछा कि उसने कौन सी दवा दी तो वह दोनों को धमकी देने लगी। मामला बढ़ता देख पति-पत्नी भ्रूण को झोले में लेकर थाने गए तो पुलिस ने केस दर्ज करने से इंकार कर दिया। 20 मार्च को एक बार फिर वे केस दर्ज कराने के लिए थाने गए तो पुलिस ने उन्हें डांटकर भगा दिया।
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बुधवार को दंपती एएसपी बीसी दुबे के पास पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी ने फोन पर फटकार लगाते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया तब पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि एसओ राजकेशर सिंह से जवाब तलब किया गया है।