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Lucknow News: महिला की हत्या, पति पर शक
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लखनऊ। तेलीबाग के माली टोला में शनिवार दोपहर एक महिला की घर के भीतर ही कैंची से गोदकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में महिला का पति ही शक के दायरे में है। कई सुबूत उसकी ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने देर रात उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
लखीमपुर के गोला निवासी मीनाक्षी (35) की शादी करीब छह साल पहले तेलीबाग के माली टोला निवासी सर्वेश से हुई थी। सर्वेश इनवर्टर व बैटरी का व्यापार करता है। शनिवार दोपहर सर्वेश व उसके पिता नंदकिशोर घर के भूतल पर थे। मीनाक्षी पहली मंजिल के कमरे में थीं। जहां कैंची से गोदकर उनकी हत्या कर दी गई।
पीजीआई इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि अपराह्न करीब तीन बजे मीनाक्षी के भाई अनिल सैनी ने बहन की हत्या की सूचना दी। तब पुलिस केजीएमयू के ट्राॅमा सेंटर पहुंची। शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सुबूत जुटाए और कमरे में मिली खून से सनी कैंची कब्जे में ली। कैंची से फिंगर प्रिंट भी लिए गए हैं।
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जिस कमरे में मीनाक्षी खून से लथपथ पड़ी थीं। उसका दरवाजा भीतर से बंद था। सर्वेश का दावा है कि जब वह ऊपर पहुंचा तो दरवाजा खटखटाने पर नहीं खुला। वह खिड़की से भीतर गया तो मीनाक्षी खून से लथपथ पड़ी थीं। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे ने कमरे को भीतर से बंद किया। उसके बाद खिड़की से बाहर निकल गया। हत्या की घटना को दूसरी ओर मोड़ने के लिए ऐसा किया।
मीनाक्षी को बहुत बर्बरता से मारा गया। उनके सिर, चेहरे व गर्दन के अलावा भी शरीर पर छह से अधिक गहरे जख्म हैं। मृतका के भाई अनिल एफएसएल में कार्यरत हैं। पुलिस ने उनसे तहरीर मांगी है। रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सर्वेश के कोई बच्चे नहीं हैं। आपसी विवाद व अन्य पहलुओं पर वारदात को अंजाम दिए जाने का शक है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि सर्वेश सबसे पहले मीनाक्षी को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचा। जहां से डॉक्टर ने बिना देखे ही उससे ट्राॅमा-2 जाने का कहा। मगर वह नजदीक ही स्थित ट्राॅमा टू ले जाने के बजाय मीनाक्षी को लेकर केजीएमयू पहुंच गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि काफी वक्त पहले ही मीनाक्षी की मौत हो चुकी है। पुलिस ने सर्वेश से पूछा कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया? तो वह जवाब नहीं दे सका। माना जा रहा है कि मीनाक्षी के बचने की कोई गुंजाइश न रहे, इसलिए उसने ऐसा किया।
एसीपी कैंट पंकज सिंह ने बताया कि जब सर्वेश से घटना के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि मीनाक्षी कमरे में गिरकर घायल हो गई थीं। ये बात पूरी तरह झूठ निकली, क्योंकि मीनाक्षाी के शरीर में कई गहरे जख्म थे। खून से सनी कैंची भी वहीं पड़ी मिली। सर्वेश का ये जवाब उसके गले की फांस बन गया है।
एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि कोई भी बाहरी शख्स की सर्वेश के घर में इंट्री नहीं हुई। जब उसके पिता ने खाना लाने के लिए कहा तो वह ऊपर गया। फिर वह चीखने लगा कि मीनाक्षी घायल पड़ी हैं। एसीपी ने बताया कि सर्वेश के पिता बीमार हैं। वह चल नहीं सकते। मकान के एक कमरे में सर्वेश की गर्भवती भाभी थीं। बाहर से कोई घर में आया नहीं। इससे सर्वेश ही पूरी तरह से शक के दायरे में है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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लखीमपुर के गोला निवासी मीनाक्षी (35) की शादी करीब छह साल पहले तेलीबाग के माली टोला निवासी सर्वेश से हुई थी। सर्वेश इनवर्टर व बैटरी का व्यापार करता है। शनिवार दोपहर सर्वेश व उसके पिता नंदकिशोर घर के भूतल पर थे। मीनाक्षी पहली मंजिल के कमरे में थीं। जहां कैंची से गोदकर उनकी हत्या कर दी गई।
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पीजीआई इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि अपराह्न करीब तीन बजे मीनाक्षी के भाई अनिल सैनी ने बहन की हत्या की सूचना दी। तब पुलिस केजीएमयू के ट्राॅमा सेंटर पहुंची। शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सुबूत जुटाए और कमरे में मिली खून से सनी कैंची कब्जे में ली। कैंची से फिंगर प्रिंट भी लिए गए हैं।
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जिस कमरे में मीनाक्षी खून से लथपथ पड़ी थीं। उसका दरवाजा भीतर से बंद था। सर्वेश का दावा है कि जब वह ऊपर पहुंचा तो दरवाजा खटखटाने पर नहीं खुला। वह खिड़की से भीतर गया तो मीनाक्षी खून से लथपथ पड़ी थीं। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे ने कमरे को भीतर से बंद किया। उसके बाद खिड़की से बाहर निकल गया। हत्या की घटना को दूसरी ओर मोड़ने के लिए ऐसा किया।
मीनाक्षी को बहुत बर्बरता से मारा गया। उनके सिर, चेहरे व गर्दन के अलावा भी शरीर पर छह से अधिक गहरे जख्म हैं। मृतका के भाई अनिल एफएसएल में कार्यरत हैं। पुलिस ने उनसे तहरीर मांगी है। रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सर्वेश के कोई बच्चे नहीं हैं। आपसी विवाद व अन्य पहलुओं पर वारदात को अंजाम दिए जाने का शक है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि सर्वेश सबसे पहले मीनाक्षी को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचा। जहां से डॉक्टर ने बिना देखे ही उससे ट्राॅमा-2 जाने का कहा। मगर वह नजदीक ही स्थित ट्राॅमा टू ले जाने के बजाय मीनाक्षी को लेकर केजीएमयू पहुंच गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि काफी वक्त पहले ही मीनाक्षी की मौत हो चुकी है। पुलिस ने सर्वेश से पूछा कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया? तो वह जवाब नहीं दे सका। माना जा रहा है कि मीनाक्षी के बचने की कोई गुंजाइश न रहे, इसलिए उसने ऐसा किया।
एसीपी कैंट पंकज सिंह ने बताया कि जब सर्वेश से घटना के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि मीनाक्षी कमरे में गिरकर घायल हो गई थीं। ये बात पूरी तरह झूठ निकली, क्योंकि मीनाक्षाी के शरीर में कई गहरे जख्म थे। खून से सनी कैंची भी वहीं पड़ी मिली। सर्वेश का ये जवाब उसके गले की फांस बन गया है।
एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि कोई भी बाहरी शख्स की सर्वेश के घर में इंट्री नहीं हुई। जब उसके पिता ने खाना लाने के लिए कहा तो वह ऊपर गया। फिर वह चीखने लगा कि मीनाक्षी घायल पड़ी हैं। एसीपी ने बताया कि सर्वेश के पिता बीमार हैं। वह चल नहीं सकते। मकान के एक कमरे में सर्वेश की गर्भवती भाभी थीं। बाहर से कोई घर में आया नहीं। इससे सर्वेश ही पूरी तरह से शक के दायरे में है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।