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Lucknow News: भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना
Fri, 24 Oct 2025 02:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 24 Oct 2025 02:13 AM IST
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भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना
लखनऊ। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर बृहस्पतिवार को भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक भाई दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने विधि-विधान से पूजा कर भाइयों के माथे पर स्नेह का तिलक लगाया और उनके दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही घरों में भाई दूज की रौनक दिखने लगी। महिलाओं और युवतियों ने गाय के गोबर, चावल के आटे और रंग-बिरंगे रंगों से चौक सजाए। यमराज और यमुना की कथा सुनाई गई तथा परंपरागत गीतों के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। यमराज देवता को चूरा, लाई, खिलौने और मिठाई का भोग लगाया गया।
सुबह सात बजे से शुरू हुआ पूजा का दौर शाम तक चलता रहा। अभिजीत मुहूर्त (11:43 बजे से 12:28 बजे तक) में सर्वाधिक महिलाओं ने पूजा की। दोपहर एक से तीन बजे के बीच बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर चूरा, लाई और मिठाई का प्रसाद खिलाया तथा रक्षा सूत्र बांधकर भगवान से उनके रक्षा की कामना की।
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छोटी-छोटी बहनों ने भी निभाई परंपरा
भाई दूज की इस पावन परंपरा में छोटी बच्चियां भी पीछे नहीं रहीं। छह-सात वर्ष की बालिकाओं ने भी व्रत रखा और मासूमियत भरी श्रद्धा से अपने भाइयों के लिए दीर्घायु की दुआ मांगी। तिलक लगाकर प्रसाद खिलाने के बाद उन्होंने व्रत खोला। हर घर में भाई-बहन का प्रेमिल दृश्य देखकर वातावरण स्नेह और आनंद से भर उठा।
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सुबह से ही घरों में भाई दूज की रौनक दिखने लगी। महिलाओं और युवतियों ने गाय के गोबर, चावल के आटे और रंग-बिरंगे रंगों से चौक सजाए। यमराज और यमुना की कथा सुनाई गई तथा परंपरागत गीतों के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। यमराज देवता को चूरा, लाई, खिलौने और मिठाई का भोग लगाया गया।
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सुबह सात बजे से शुरू हुआ पूजा का दौर शाम तक चलता रहा। अभिजीत मुहूर्त (11:43 बजे से 12:28 बजे तक) में सर्वाधिक महिलाओं ने पूजा की। दोपहर एक से तीन बजे के बीच बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर चूरा, लाई और मिठाई का प्रसाद खिलाया तथा रक्षा सूत्र बांधकर भगवान से उनके रक्षा की कामना की।
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छोटी-छोटी बहनों ने भी निभाई परंपरा
भाई दूज की इस पावन परंपरा में छोटी बच्चियां भी पीछे नहीं रहीं। छह-सात वर्ष की बालिकाओं ने भी व्रत रखा और मासूमियत भरी श्रद्धा से अपने भाइयों के लिए दीर्घायु की दुआ मांगी। तिलक लगाकर प्रसाद खिलाने के बाद उन्होंने व्रत खोला। हर घर में भाई-बहन का प्रेमिल दृश्य देखकर वातावरण स्नेह और आनंद से भर उठा।

भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना

भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना

भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना

भाइयों को स्नेह का टीका लगाकर की दीर्घायु की कामना