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रायबरेली में दिखा राजनीति का अजब नजारा, सपा के आयोजन में मंच पर पहुंचीं प्रियंका

Thu, 02 May 2019 11:16 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 02 May 2019 11:16 PM IST
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when priyanka gandhi arrived in samajwadi party program in raebareli
समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल प्रियंका गांधी - फोटो : amar ujala
राजनीति में समीकरण तेजी से बदल जाते हैं। कब दोस्त विरोधी हो जाएं और कब विरोधी दोस्त बन जाएं यह कहना मुश्किल होता है। ऊंचाहार में भी गुरुवार को राजनीति का ऐसा ही अजब नजारा दिखा। जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा उस मंच पर चढ़ीं, जिस पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की फोटो लगी थी। 
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सामने लाल टोपी लगाए उसी पार्टी के समर्थकों की भीड़ थी। पूरे पांडाल में कांग्रेस का इक्का- दुक्का झंडा ही दिखाई पड़ा, जबकि सपा के झंडे हर ओर लहरा रहे थे।आयोजन सपा सरकार में मंत्री रहे मनोज पांडेय ने किया था। संबोधन में कांग्रेस की नेता और पूर्व मंत्री दोनों लोगों ने सिर्फ विकास की बातें कीं। हां, पार्टी लाइन पर कोई बात नहीं हुई।
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ऊंचाहार से करीब एक किमी पहले लखनऊ-प्रयागराज हाईवे किनारे सांवापुर गांव के पास एक बाग में दोपहर दो बजे प्रियंका वाड्रा पहुंचीं। यहां जनसभा के लिए मंच सजा था। सामने कुर्सियां थीं, मगर लाल टोपी लगाए उत्साही कार्यकर्ता उन पर बैठने की बजाय खड़े थे। 
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प्रियंका सीधे मंच पर पहुंचीं। स्वागत सम्मान की औपचारिकता निभाई गई। फिर सपा के पूर्व मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने माइक संभाला। उन्होंने पंडाल में उपस्थित लोगों को अपने से जोड़ा और पूछा मोदी सरकार ने जो वादे किए थे, वे क्या पूरे हुए। भीड़ ने हाथ हिला कर नकारा।

फिर मनोज पांडेय ने उसी लाइन को आगे बढ़ाया और कहा कि 'डॉ. लोहिया ने कहा है कि वादाखिलाफी सबसे बड़ा पाप है। मोदी जी ने देश के लोगों के साथ, गरीबों के साथ धोखा किया है। उनकी गरीबी का उपहास उड़ाने का काम किया है। 

उन्होंने जनता से सवाल पूछा कि 'धोखे का बदला लोगे कि नहीं। साथियों याद कर लेना इस धोखे को जब वोट पड़ रहा हो।' वे बोले कि  'पहले किसान खेती किसानी के बाद चैन से सोता था। अब वह पूरे परिवार सहित खेत की रखवाली करने को मजबूर है।

'उन्होंने लोगों से पूछा कि डीएपी, यूरिया में पांच किलो की चोरी हुई कि नहीं हुई। मनोज पांडेय ने कहा कि 'हम सबके नेता अखिलेश यादव का निर्देश भी है और सोनिया गांधी व प्रियंका को समर्थन भी।' उन्होंने समर्थकों से पूछा कि 'बताओ कांग्रेस प्रत्याशी को कितने वोटों से जिताओगे।' 

भीड़ ने उत्तर दिया पांच लाख पार। फिर पांडेय ने कहा कि 'आज के बाद सपा का एक-एक कार्यकर्ता बूथ पर डट जाएं।' वे बोले कि 'देश की संसद में जब सोनिया गांधी होती हैं तो रायबरेली का नाम पूरे विश्व में बड़े सम्मान से लिया जाता है। आज समय आ गया है कि जिसने रायबरेली का सम्मान बढ़ाया। रायबरेली के एक-एक नौजवान, माताओं और बहनों को सौगंध है कि उनका सम्मान बढ़ाएं।'

इसके बाद बारी थी प्रियंका वाड्रा की। उन्होंने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि मेरी मां यहां से उम्मीदवार हैं। छह को चुनाव है। आप चाहे जिस पार्टी के हों, इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता कि सोनिया गांधी ने विकास में कोई कसर छोड़ी। 

वे जब तक रहेंगी, आपके विकास, सम्मान के लिए कार्य करती रहेंगी। कांग्रेस की सरकार बनाइए, ताकि विकास रुकने न पाए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद किया। हालांकि इससे पहले प्रियंका ने वही बातें दोहराईं जो उन्होंने भुएमऊ से निकलकर ऊंचाहार तक तीन नुक्कड़ सभाओं में कहीं थीं।

विरोधी घरानों के राजनीतिक सदस्य दिखे संग-संग

बाबूगंज में सपा के मंच से कांग्रेस की नीतियों और विकास की बातें। लोकसभा चुनाव के उस दौर में यह नजारा तो वैसे भी चौकाने वाला था, जब दोनों दल केंद्र में सत्ता की खातिर मैदान में हैं। मगर, इस मंच पर एक दृश्य ऐसा भी था, जिस पर लोगों ने खासा ध्यान ही नहीं दिया बल्कि चर्चा भी खूब हुई। 

सालों से सियासत में सक्रिय दो घरानों के सदस्य एक मंच पर दिखे। शायद बीते दो दशक में ऐसा यह पहला मौका था। हालांकि इनके बीच कोई संवाद नहीं हुआ। डॉ.मनोज पांडेय और अखिलेश सिंह। राजनीतिकि क्षेत्र में खासा चर्चित हैं। 

अखिलेश सिंह कई साल सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। इस समय उनकी बेटी अदिति सिंंह यहीं से विधायक हैं। वहीं डॉ.मनोज पांडेय पहले नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष बनें, फिर दो बार से ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। खास बात यह है कि दोनों जनप्रतिनिधियों ने एक ही जिले में राजनीति की। मगर, कभी एक साथ नहीं दिखे।

दोनों परिवारों को नदी का वह किनारा माना जाता था, जिनका कभी मिलान नहीं होता। मगर, गुरुवार को बाबूगंज बाजार में हुई प्रियंका वाड्रा की जनसभा में इन दोनों परिवारों के सदस्य एक ही मंच पर देखे गए। सभा आयोजक डॉ. मनोज पांडेय खुद मौजूद थे। तो वहीं प्रियंका वाड्रा के साथ सदर विधायक अदिति सिंह भी जनसभा में पहुंची थी। यह नजारा लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। 
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