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एक अप्रैल से 6000 से अधिक केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद, पंजीकरण शुरू, ₹2015/क्विंटल एमएसपी तय
Thu, 17 Mar 2022 01:09 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Mar 2022 01:09 PM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय के लिए हर किसान को खाद्य विभाग के पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। हालांकि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं होगी
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं खरीद के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के मुताबिक 1 अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। वर्ष 2022-23 के लिए सरकार ने गेहूं की एमएसपी ₹2015/क्विंटल तय की है।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय के लिए हर किसान को खाद्य विभाग के पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। हालांकि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं होगी, बस अपने पुराने विवरण को अपडेट कर लॉक करना होगा। किसानों को गेहूं के मूल्य का भुगतान उनके बैंक खाते में ही होगा, ऐसे में एक्टिव बैंक खाता ही पंजीयन विवरण में दिया जाना चाहिए।
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बता दें कि इस वर्ष 6000 से अधिक केंद्रों पर गेहूं खरीद की जायेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को समस्या न हो, भंडारण गोदाम हो या क्रय केंद्र, हर जगह गेहूं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। प्रत्येक दशा में किसानों को एमएसपी का लाभ मिलना ही चाहिए। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी क्रय केन्द्रों पर पूरी पारदर्शिता के साथ गेहूं खरीद कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा न हो। किसानों की उपज का समयबद्ध ढंग से भुगतान कर दिया जाए।
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