{"_id":"5ec3f1678ebc3e904b44caef","slug":"webinar-on-fake-news-in-khwaja-moinuddin-chishti-bhasha-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में फेक न्यूज संवाहक होने से बचें: डॉ. मुकुल श्रीवास्तव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में फेक न्यूज संवाहक होने से बचें: डॉ. मुकुल श्रीवास्तव
Tue, 19 May 2020 08:17 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 19 May 2020 08:17 PM IST
विज्ञापन
वेबीनार को संबोधित करते डॉ. मुकुल श्रीवास्तव।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ऐसे वक्त में जब पूरा विश्व कोरोना वायरस से लड़ रहा है। ठीक इसी समय एक और वायरस है जो बड़ी तेजी से दुनिया भर में फैल रहा है। यह वायरस है फेक न्यूज का और कोरोना वायरस के संवाहक की तरह ही हम और आप ही इस वायरस को फैला रहे हैं। ख्व़ाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार (वेब सेमिनार) में यह बातें डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कही।
गूगल जी-सूट आनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित दो दिवसीय वेबीनार में कार्यशाला का संचालन कर रहे पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि जाने अनजाने में हम सब सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश फारवर्ड करते रहते हैं, जिनका वास्तविक से कोई संबंध नहीं होता। वर्तमान समय में तो कोरोना संबंधित फेक न्यूज की बाढ़ सी आई है, हमें इनसे बचना चाहिए।
डॉ. श्रीवास्तव ने फेक संदेशों को जांचने की कई विधियां भी प्रतिभागियों को समझाई। वेबीनार के पहले दिन जहां सुप्रसिद्ध टेलीविजन कार्यक्रम सुरभि के प्रस्तुतकर्ता सिद्धार्थ काक ने बदलती टीवी तकनीक पर बात की, वहीं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रो. पी. शशिकला ने कोविड-19 से संबंधित शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। मनोविज्ञानी डॉ. आराधना गुप्ता ने इस दौरान होने वाले मनोविकारों एवं उनके उपायों पर चर्चा की।
विज्ञापन
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में यूनीसेफ की सोशल पॉलिसी स्पेशलिस्ट एवं मुख्य अतिथि पियूष एंटोनी ने कोविड-19 की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर बात की। उन्होंने श्रमिकों को 'प्रवासी' कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश में रहते हुए भी वह प्रवासी या विस्थापित हैं।
वेबीनार की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. माहरुख मिर्ज़ा ने की। कार्यक्रम में देश के सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय वेबीनार की संक्षेपिका डॉ. तनु डंग ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम की संचालिका पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की शिक्षिका डॉ. रुचिता सुजॉय चौधरी ने सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन
गूगल जी-सूट आनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित दो दिवसीय वेबीनार में कार्यशाला का संचालन कर रहे पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि जाने अनजाने में हम सब सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश फारवर्ड करते रहते हैं, जिनका वास्तविक से कोई संबंध नहीं होता। वर्तमान समय में तो कोरोना संबंधित फेक न्यूज की बाढ़ सी आई है, हमें इनसे बचना चाहिए।
विज्ञापन
डॉ. श्रीवास्तव ने फेक संदेशों को जांचने की कई विधियां भी प्रतिभागियों को समझाई। वेबीनार के पहले दिन जहां सुप्रसिद्ध टेलीविजन कार्यक्रम सुरभि के प्रस्तुतकर्ता सिद्धार्थ काक ने बदलती टीवी तकनीक पर बात की, वहीं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रो. पी. शशिकला ने कोविड-19 से संबंधित शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। मनोविज्ञानी डॉ. आराधना गुप्ता ने इस दौरान होने वाले मनोविकारों एवं उनके उपायों पर चर्चा की।
विज्ञापन
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में यूनीसेफ की सोशल पॉलिसी स्पेशलिस्ट एवं मुख्य अतिथि पियूष एंटोनी ने कोविड-19 की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर बात की। उन्होंने श्रमिकों को 'प्रवासी' कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश में रहते हुए भी वह प्रवासी या विस्थापित हैं।
वेबीनार की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. माहरुख मिर्ज़ा ने की। कार्यक्रम में देश के सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय वेबीनार की संक्षेपिका डॉ. तनु डंग ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम की संचालिका पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की शिक्षिका डॉ. रुचिता सुजॉय चौधरी ने सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।