'पीएम के साथ गृह व रक्षा मंत्री भी यूपी से, बढ़ गई चुनौती'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद चुनौती ज्यादा बढ़ गई है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बाद रक्षामंत्री भी यूपी से हैं। बीच में आजम खां ने खड़े होकर जोड़ा...लेकिन प्रदेश में समाजवादी पेंशन भी बगैर आपकी इजाजत के नहीं पा सकते।
हालांकि सीएम ने आगे बात बढ़ाते हुए कहा कि वह विकास पर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, किराया नीति में संशोधन, वक्फ बोर्ड को अनुदान देने और ट्रिब्यूनल के गठन के साथ ही वक्फ बोर्ड की हर जरूरी हर मांग पर रास्ता निकालने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री इंदिरा प्रतिष्ठान में वक्फ कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं तो केंद्र और मीडिया पर जमकर निशाना भी साधा। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार और आजम खां की हर बात में कमी ढूंढी जाती है।
उन्होंने इसके लिए बदायूं से लेकर मेरठ तक का हवाला दिया। लव जिहाद का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र में पीएम के साथ गृह व रक्षामंत्री भी होने की चर्चा करते हुए कहा कि आज उनकी सरकार के सामने चुनौती ज्यादा बढ़ गई है।
मोदी पर तंज कसने के साथ आजम-मुलायम के गुण गाए
हालांकि, उपचुनाव का जिक्र करते हुए दुहराया कि इसमें जनता ने सांप्रदायिक शक्तियों को सबक सिखाया है। इससे इनमें भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि वह विकास पर राजनीति नहीं करना चाहते।
केंद्र विकास के लिए जहां भी जमीन चाहेगा, सरकार देगी। उन्होंने मोदी के सफाई अभियान पर फिर तंज कसा।
नेताजी व आजम जैसे रिश्ते किसी में नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में जैसा रिश्ता नेताजी मुलायम सिंह यादव व आजम खां साहब के हैं, देश में वैसे रिश्ते किसी दूसरे दो नेता में नहीं हैं। इन दोनों नेताओं में कौन एक-दूसरे को ज्यादा चाहता है, यह आज तक नहीं समझ सका।
उन्होंने आजम खां की तारीफ करते हुए कहा कि जौहर विश्वविद्यालय बनाकर उन्होंने वह काम किया है जो 40-50 साल में कोई कर पाता है।