मिड डे मील में दूध के नाम पर बच्चों को मिला 'दूधिया पानी'
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एक दिन पहले लखनऊ में मिड डे मील में मिले दूध पीने के बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने की खबर आई थी। अब नया मामला बच्चों को दूध के नाम पर दूधिया पानी देने का है।
यूपी के बलरामपुर जिले के परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दूध के नाम पर सफेद पानी पिलाया गया। यह खुलासा डीएम की गठित टीम के जांच में हुआ है। कई स्कूलों में नौनिहालों को दूध न देने की रिपोर्ट भी मिली है।
जांच के दौरान टीम को स्कूलों से शिक्षक भी नदारद मिले हैं। डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया है कि निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित हेडमास्टरों, ग्राम प्रधानों व खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर गत 29 जुलाई को जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में एमडीएम के साथ दूध वितरण की पुष्टि करने के लिए टीमें गठित कर जांच कराई गई। एसडीएम उतरौला रामहर्ष मौर्य ने छह स्कूलों का निरीक्षण किया।
बहुत पतला दूध मिलने की पुष्टि
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय मधुपुर में रसोइया की तबियत खराब होने के कारण मिड डे मील नहीं बना। जबकि 91 के सापेक्ष 45 बच्चों को एक-एक लीटर का छह पैकेट दूध गरम करके दिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय बनघुसरा में 83 बच्चों के सापेक्ष मात्र 45 बच्चों को तीन पैकेट दूध उबालकर पिलाया गया। प्राथमिक विद्यालय बेथुइया प्रथम व द्वितीय में 47 व 40 बच्चों के सापेक्ष मात्र 11 बच्चे ही मिले। प्राथमिक विद्यालय मझौव्वा कुरथुवा के सहायक अध्यापक 12.30 बजे के निरीक्षण में स्कूल से गायब मिले।
बच्चों को भोजन के स्थान पर हलवा दिया गया और 41 बच्चों को चार लीटर दूध दिया गया। एसडीएम तुलसीपुर केशवनाथ गुप्ता के औचक निरीक्षण में भी बच्चों की कम उपस्थिति और निर्धारित 200 मिलीलीटर दूध के स्थान पर कम दूध पिलाने की पुष्टि हुई है।
इन स्कूल में न तो दूध का वितरण हुआ और न ही एमडीएम बना। प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में जुलाई माह से ही न तो मिड डे मील बन रहा है और न ही दूध का वितरण किया जा रहा है। कई स्कूलों में बहुत पतला दूध पिलाने की रिपोर्ट मिली है। इन स्कूलों में ऐसा दूध मिला जैसे 100 मिलीलीटर दूध में इतनी ही मात्रा में पानी मिला दिया जाए।
खंड शिक्षाधिकारी तुलसीपुर के निरीक्षण में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय रमईडीह में दूध का वितरण नहीं किया गया है। डीएम ने अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए जय सिंह को निर्देश दिया है कि संबंधित स्कूलों के हेडमास्टर, ग्राम प्रधान व खंड शिक्षाधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं जिससे शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।