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Lucknow News: नहर बंद, दस लाख आबादी झेलेगी बीस दिन पानी संकट
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लखनऊ। तीसरे जलकल की कठौता झील को पानी देने वाली शारदा सहायक नहर बंद हो गई है। यह बीस दिन तक बंद रहेगी। ऐसे में इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब दस लाख आबादी को पानी संकट का सामना करना पड़ेगा। यदि बीस दिन में सिंचाई विभाग ने पानी नहीं छोड़ा तो संकट गहरा जाएगा।
गोमतीनगर में बने तीसरे जलकल से इंदिरानगर और गोमतीनगर को ही पानी की आपूर्ति की जाती है। जलकल को कच्चा पानी शारदा सहायक नहर से मिलता है। नहर से आने वाला पानी जलकल की कठौता झील में जमा होता है। झील में 25 से 28 दिन का ही पानी स्टोर हो पाता है। नहर को सिंचाई विभाग साल में दो बार मरम्मत के लिए बंद करता है। इस दौरान कठौता झील से ही पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी की कमी दूर करने के लिए इस दौरान जलकल विभाग ट्यूबवेल चलाता है। कई बार जब सिंचाई विभाग देर से पानी छोड़ता है तो जलकल विभाग को आपूर्ति में कटौती भी करनी पड़ती है। वहीं दूसरी ओर रविवार को राजेंद्रनगर में टंकी का वाॅल्व खराब हो जाने से सुबह करीब पांच हजार की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा।
अभी नहींं की जा रही आपूर्ति में कटौती
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि सिंचाई विभाग ने पहले छह मई से चार जून तक नहर बंद करने के लिए पत्र भेजा था, मगर उन्होंने 19 मई से इसे बंद किया। सिंचाई विभाग करीब एक महीने मरम्मत का काम करता है। अब देर में नहर बंद की है तो उस हिसाब से अब नहर बंद रहेगी। कठौता झील में अभी 15 फीट पानी है। नलकूप चलाना शुरू कर दिया गया ताकि पानी की किल्लत न हो। अभी किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जा रही है।
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नहर जल्द खोलने को कहा है
सिंचाई विभाग ने 35 दिन नहर बंद रखने की बात कही है। इतने दिन में तो पानी संकट हो जाएगा। गर्मी का मौसम है, ऐसे में नहर जल्द खोलने के लिए कहा गया है। गोमती नदी में भी पानी का लेवल इस समय करीब एक फीट कम है। इसके लिए मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग से बात की है, वह गोमती नदी में पानी छोड़ दे।
- राम कैलाश, महाप्रबंधक जलकल
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गोमतीनगर में बने तीसरे जलकल से इंदिरानगर और गोमतीनगर को ही पानी की आपूर्ति की जाती है। जलकल को कच्चा पानी शारदा सहायक नहर से मिलता है। नहर से आने वाला पानी जलकल की कठौता झील में जमा होता है। झील में 25 से 28 दिन का ही पानी स्टोर हो पाता है। नहर को सिंचाई विभाग साल में दो बार मरम्मत के लिए बंद करता है। इस दौरान कठौता झील से ही पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी की कमी दूर करने के लिए इस दौरान जलकल विभाग ट्यूबवेल चलाता है। कई बार जब सिंचाई विभाग देर से पानी छोड़ता है तो जलकल विभाग को आपूर्ति में कटौती भी करनी पड़ती है। वहीं दूसरी ओर रविवार को राजेंद्रनगर में टंकी का वाॅल्व खराब हो जाने से सुबह करीब पांच हजार की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा।
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अभी नहींं की जा रही आपूर्ति में कटौती
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि सिंचाई विभाग ने पहले छह मई से चार जून तक नहर बंद करने के लिए पत्र भेजा था, मगर उन्होंने 19 मई से इसे बंद किया। सिंचाई विभाग करीब एक महीने मरम्मत का काम करता है। अब देर में नहर बंद की है तो उस हिसाब से अब नहर बंद रहेगी। कठौता झील में अभी 15 फीट पानी है। नलकूप चलाना शुरू कर दिया गया ताकि पानी की किल्लत न हो। अभी किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जा रही है।
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नहर जल्द खोलने को कहा है
सिंचाई विभाग ने 35 दिन नहर बंद रखने की बात कही है। इतने दिन में तो पानी संकट हो जाएगा। गर्मी का मौसम है, ऐसे में नहर जल्द खोलने के लिए कहा गया है। गोमती नदी में भी पानी का लेवल इस समय करीब एक फीट कम है। इसके लिए मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग से बात की है, वह गोमती नदी में पानी छोड़ दे।
- राम कैलाश, महाप्रबंधक जलकल