पंचायत चुनाव में दो से अधिक संतान वालों की पात्रता पर निर्णय का इंतजार
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दरअसल, प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा इस बार पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। भाजपा के लिए यह चुनाव वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी होगा। सेवा सप्ताह के बाद अगले माह से पार्टी पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू करना चाहती है। भाजपा के रणनीतिकार भी चाहते हैं कि दोनों मुद्दों पर स्थिति जल्द स्पष्ट हो। जिससे उसी के अनुरूप आगे की तैयारी की जा सके। इस संबंध में सरकार से भी बातचीत करने का विचार किया गया है।
उधर, जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव में अगर दो से अधिक संतान वालों के लड़ने पर रोक लगाई जाती है तो सर्वाधिक असर सपा पर होगा। इसलिए सपा के बड़े नेता भी सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार आगामी पंचायत चुनाव में दो से अधिक संतान वालों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने का विचार कर रही है।
पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे और क्या पात्रता होगी, यह आगामी समय में तय किया जाएगा।