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Lucknow News: राजभवन में लगी प्रदर्शनी में विश्व नारायण को प्रथम पुरस्कार
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राज्यपाल ने किया सम्मानित।
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लखनऊ। राजभवन प्रांगण में लगी तीन दिवसीय 56वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के तीसरे दिन विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में 1777 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 588 प्रथम, 560 द्वितीय और 502 ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।व्यक्तिगत वर्ग में सर्वाधिक अंक हासिल करने पर विश्व नारायण श्रीवास्तव को प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने 69 लोगों को 87 पुरस्कार (छह विशेष आकृतियां सहित) बांटे। 8027 प्रदर्शों और विशेष आकर्षित करने वाली आकृतियों के साथ आलू प्रदर्शनी व स्टाॅलों का आनंद उठाया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राजभवन आम जनता के लिए है। इसे एक जनभवन के रूप में विकसित किया गया है। प्रदर्शनी और अन्य आयोजनों से राजभवन को एक शैक्षणिक भवन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने राजभवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य आलू उत्पादकों, व्यापारियों और निर्यातकों को एक मंच पर लाकर व्यापार और निर्यात को नई दिशा देना था। उन्होंने बताया कि आलू उत्पादक संगठनों एवं निर्यातकों के बीच एक एमओयू भी हुआ जिसका उद्देश्य राज्य के आलू उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना और निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाना है। अंतरराष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में ताजी सब्जी व फल निर्यातक संघ (वाफा) और पांच किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुए। मंत्रा एग्री साॅल्यूशन्स एवं बिसौली ग्रीन ऑग्रेनिक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के मध्य भी एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
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मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में एग्रीकल्चर का पावर हाउस है। जलवायु, उपजाऊ भूमि और कृषि ज्ञान के कारण उत्तर प्रदेश कृषि के क्षेत्र में देश का प्रमुख राज्य है। अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा ने बताया कि इस वर्ष प्रदर्शनी में प्रतिभागियों की संख्या में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर एम. बोबडे, आयुक्त डॉ. रोशन जैकब आदि मौजूद रहे।
इन्हें मिले पुरस्कार
राज्यपाल ने व्यक्तिगत वर्ग में सर्वाधिक अंक हासिल करने पर विजेता विश्व नारायण श्रीवास्तव को प्रथम पुरस्कार 51,000 रुपये, ओम प्रकाश लोधी को द्वितीय पुरस्कार 31,000 रुपये, क्राइस्ट चर्च काॅलेज, लखनऊ को तृतीय पुरस्कार 11,000 रुपये और सर्वोत्तम प्रदर्श विजेता आदित्य कुमार को 11,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सरकारी क्षेत्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए 11,000 रुपये का पुरस्कार अधीक्षक राजभवन उद्यान को प्रदान किया गया।
फूलों से बनी नवीन आकृतियों में छत्रपति शाहूजी महाराज विवि, कानपुर को गणेश जी की प्रतिमा और लखनऊ विश्वविद्यालय को सौरमंडल के लिए संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, आयुक्त आवास विकास परिषद, लखनऊ को राम मंदिर आकृति के लिए द्वितीय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय, लखनऊ को प्यारा घर के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने इन्हें भी किया सम्मानित
राज्यपाल ने कुल 81 पुरस्कार बांटे, जिसमें 20 चल वैजयंती, पांच चल कप, कलात्मक पुष्प सज्जा महिला वर्ग को 20 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 4 से 9 आयु वर्ग को 18 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 10 से 16 आयु वर्ग को 18 एवं 6 पुरस्कार विशेष आकर्षण आकृतियों के लिए बांटे। गमलों में सदाबहार पत्तीवाले पौधों, गुलाब व अन्य पौधों, जेल में शाकभाजी उत्पादों, मशरूम की खेती, व्यावसायिक फल संरक्षण, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, मौनपालकों द्वारा शहद, कैक्टस, बोंसाई आदि प्रदर्शों के विजेताओं को राज्यपाल ने चल वैजयंती व चल कप पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विभागीय अधिकारियों ने अन्य 141 प्रतिभागियों में 213 पुरस्कार और शेष विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में 1350 पुरस्कार दिए गए।
प्रदर्शनी में पहुंचे 80 हजार लोग, आज भी खुलेगी
लखनऊ। राजभवन में लगी तीन दिवसीय प्रदर्शनी का 80 हजार से ज्यादा लोगों ने अवलोकन किया। राज्यपाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी सोमवार को भी आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में पहले दिन 8500, दूसरे दिन 26,000 और तीसरे दिन 45,000 से अधिक लोग पहुंचे।
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राज्यपाल ने 69 लोगों को 87 पुरस्कार (छह विशेष आकृतियां सहित) बांटे। 8027 प्रदर्शों और विशेष आकर्षित करने वाली आकृतियों के साथ आलू प्रदर्शनी व स्टाॅलों का आनंद उठाया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राजभवन आम जनता के लिए है। इसे एक जनभवन के रूप में विकसित किया गया है। प्रदर्शनी और अन्य आयोजनों से राजभवन को एक शैक्षणिक भवन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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उन्होंने राजभवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य आलू उत्पादकों, व्यापारियों और निर्यातकों को एक मंच पर लाकर व्यापार और निर्यात को नई दिशा देना था। उन्होंने बताया कि आलू उत्पादक संगठनों एवं निर्यातकों के बीच एक एमओयू भी हुआ जिसका उद्देश्य राज्य के आलू उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना और निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाना है। अंतरराष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में ताजी सब्जी व फल निर्यातक संघ (वाफा) और पांच किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुए। मंत्रा एग्री साॅल्यूशन्स एवं बिसौली ग्रीन ऑग्रेनिक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के मध्य भी एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
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मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में एग्रीकल्चर का पावर हाउस है। जलवायु, उपजाऊ भूमि और कृषि ज्ञान के कारण उत्तर प्रदेश कृषि के क्षेत्र में देश का प्रमुख राज्य है। अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा ने बताया कि इस वर्ष प्रदर्शनी में प्रतिभागियों की संख्या में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर एम. बोबडे, आयुक्त डॉ. रोशन जैकब आदि मौजूद रहे।
इन्हें मिले पुरस्कार
राज्यपाल ने व्यक्तिगत वर्ग में सर्वाधिक अंक हासिल करने पर विजेता विश्व नारायण श्रीवास्तव को प्रथम पुरस्कार 51,000 रुपये, ओम प्रकाश लोधी को द्वितीय पुरस्कार 31,000 रुपये, क्राइस्ट चर्च काॅलेज, लखनऊ को तृतीय पुरस्कार 11,000 रुपये और सर्वोत्तम प्रदर्श विजेता आदित्य कुमार को 11,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सरकारी क्षेत्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए 11,000 रुपये का पुरस्कार अधीक्षक राजभवन उद्यान को प्रदान किया गया।
फूलों से बनी नवीन आकृतियों में छत्रपति शाहूजी महाराज विवि, कानपुर को गणेश जी की प्रतिमा और लखनऊ विश्वविद्यालय को सौरमंडल के लिए संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, आयुक्त आवास विकास परिषद, लखनऊ को राम मंदिर आकृति के लिए द्वितीय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय, लखनऊ को प्यारा घर के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने इन्हें भी किया सम्मानित
राज्यपाल ने कुल 81 पुरस्कार बांटे, जिसमें 20 चल वैजयंती, पांच चल कप, कलात्मक पुष्प सज्जा महिला वर्ग को 20 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 4 से 9 आयु वर्ग को 18 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 10 से 16 आयु वर्ग को 18 एवं 6 पुरस्कार विशेष आकर्षण आकृतियों के लिए बांटे। गमलों में सदाबहार पत्तीवाले पौधों, गुलाब व अन्य पौधों, जेल में शाकभाजी उत्पादों, मशरूम की खेती, व्यावसायिक फल संरक्षण, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, मौनपालकों द्वारा शहद, कैक्टस, बोंसाई आदि प्रदर्शों के विजेताओं को राज्यपाल ने चल वैजयंती व चल कप पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विभागीय अधिकारियों ने अन्य 141 प्रतिभागियों में 213 पुरस्कार और शेष विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में 1350 पुरस्कार दिए गए।
प्रदर्शनी में पहुंचे 80 हजार लोग, आज भी खुलेगी
लखनऊ। राजभवन में लगी तीन दिवसीय प्रदर्शनी का 80 हजार से ज्यादा लोगों ने अवलोकन किया। राज्यपाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी सोमवार को भी आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में पहले दिन 8500, दूसरे दिन 26,000 और तीसरे दिन 45,000 से अधिक लोग पहुंचे।