नई पीढ़ी में हिंदुत्व की अलख जगाने के लिए विहिप ने बनाया प्लान, 15 दिसंबर तक चलेगा अभियान
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श्रीराम जन्मभूमि मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने अब खुद को भविष्य की भूमिका के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के साथ विहिप का सांस्कृतिक चेतना का सबसे बड़ा ‘श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण आंदोलन’ करीब-करीब अपने पड़ाव पर पहुंच गया है।
विहिप के रणनीतिकार इस आंदोलन से बने माहौल को सहेजकर रखना चाहते हैं। इसके लिए ‘हितचिंतक अभियान’ चलाने का फैसला किया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में यह अभियान 15 दिसंबर तक चलेगा।
दरअसल, श्रीराम जन्मभूमि मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने जिस तरह हिंदू समाज में उत्साह भरा है, उससे नई पीढ़ी में हिंदुत्व की अलख जगाने की चिंता से पिछले कई वर्षों से जूझ रही विहिप के रणनीतिकारों में भावी पीढ़ी के बीच अपने समर्थन को और बढ़ाने की उम्मीद जगी है।
न्यायालय के फैसले से बने उत्साह के इस माहौल को वे भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर हिंदुत्व की चेतना के हितैषियों की संख्या बढ़ाने में इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसके लिए ‘हितचिंतक अभियान’ का सहारा लेने की योजना बनाई गई है।
इस तरह चलेगा अभियान
विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीष बताते हैं कि अवध प्रांत में हितचिंतक अभियान शुरू हो चुका है। गोरखपुर प्रांत में 25 नवंबर से शुरू होकर 10 दिसंबर तक चलेगा।
काशी और कानपुर प्रांत में 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक इस अभियान के जरिये विहिप के लोग एक-एक हिंदू परिवार तक पहुंचेंगे। उन्हें विहिप के कामों की जानकारी देने के साथ ही उनसे विहिप से जुड़ने का आग्रह करेंगे।
तात्कालिक परिस्थितियों के मद्देनजर लोगों में काफी उत्साह है। जिन प्रांतों में यह अभियान शुरू हो चुका है, वहां से बड़ी संख्या में लोगों के विहिप से जुड़ने की सूचनाएं हैं। लोग ‘हितचिंतक अभियान’ योजना से जुड़ रहे हैं।
क्या है यह अभियान
इस अभियान के तहत विहिप के लोग खासतौर से उन हिंदू परिवारों के पास जाएंगे जिनका अभी तक संगठन से बहुत ज्यादा जुड़ाव नहीं है। वे इन परिवारों को विहिप के गठन का इतिहास और भूमिका समझाएंगे।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन में विहिप की भूमिका के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा। साथ ही धर्मान्तरण, अस्पृश्यता (छुआछूत), गोरक्षा और कुछ संगठनों की तरफ से हिंदू समाज को बांटने की साजिश जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय सहयोग का आग्रह किया जाएगा।
इसी के साथ अपने आसपास हिंदुत्व की चेतना के मद्देनजर जनजागरण में भी सहयोग मांगेंगे।