लखनऊ: अब जल्द ले सकेंगे गोमती किनारे वाटर गेम संग कार्निवाल का मजा, रोजगार मेले को भी मिलेगी सुविधा
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डिफेंस एक्सपो में लखनऊ के रिवरफ्रंट पर नेवी कमांडो के लाइव शो ने ऐसा समा बांधा कि प्रशासन यहां सालभर वाटर गेम संग कार्निवाल का रोमांच देने की कवायद में जुट गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू कवायद के पहले चरण में घैला से लामार्ट ब्वाॅयज कॉलेज तक गोमती के दोनों किनारों की खाली जमीन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके लिए साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर गोमती रिवर डवलपमेंट कॉरपोरेशन बनेगा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाले कॉरपोरेशन की गवर्निंग बॉडी में डीएम को उपाध्यक्ष व नगर आयुक्त को सीईओ का दर्जा मिलेगा। मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने सोमवार को हनुमान सेतु के पास रिवरफ्रंट का डीएम अभिषेक प्रकाश व नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी के साथ निरीक्षण किया।
इसके बाद कॉरपोरेशन बनाने को एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया। भरोसा जताया कि बिना ज्यादा खर्च के नदी के दोनों किनारों तक सिंचाई विभाग की बेकार पड़ी आरक्षित भूमि को इस्तेमाल में लाया जाएगा।
पीपीपी माॅडल पर विकसित होंगी सुविधाएं
दोनों किनारों पर पीपीपी मॉडल की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। रिवरफ्रंट के एक जोन को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु किराये पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। पर्यटन विभाग वाटर गेम, वाटर स्कूटर संग सेल बोटिंग की सुविधा विकसित करेगा। दूसरे चरण में गोमती के दोनों किनारों को कठवारा से आउटर रिंग रोड शहीद पथ तक विकसित कराया जाएगा।
गोमती को लबालब रखेगा सिंचाई विभाग
कॉरपोरेशन गठित होने के बाद रिवर साइट पर कम से कम तीन फीट पानी बनाए रखने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग संभालेगा। नियमित अंतराल पर शारदा नदी का पानी गोमती में छोड़ा जाएगा और सीवरयुक्त नाले को नहीं गिरने दिया जाएगा। गवर्निंग बॉडी में लेसा, एलडीए, सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग, सांस्कृतिक विभाग, पर्यटन विभाग, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, पर्यावरण व जल निगम का एक-एक अधिकारी नामित किया जाएगा।