पीएफ घोटाले पर मुख्यमंत्री योगी बोले- दोषियों की संपत्ति जब्त कर बिजली कर्मियों को पाई-पाई लौटाएंगे
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डीएचएफएल मामले में दोषियों की संपत्ति जब्त करके बिजली कर्मियों की पाई-पाई लौटाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले का मास्टरमाइंड सपा सरकार का चहेते पॉवर कॉर्पोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक थे, जिसे हमने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस गड़बड़ की शुरुआत दिसंबर 2016 में हुई थी। सीएम ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति थी, है और रहेगी। डीएचएफएल-पॉवर कॉर्पोरेशन फंड मामले में किसी भी दोषी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने संविधान की 70वीं वर्षगांठ पर मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में अलग-अलग बोलते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने के साथ ही विपक्षी दलों ओर से लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि सपा की ओर से बयान आया था कि मंगलवार को एससी-एसटी छात्रों के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। हकीकत यह है कि सपा सरकार ने वर्ष 2016-17 की छात्रवृत्ति ही नहीं बांटी थी। इसे वर्ष 2017-18 में सत्ता में आने पर हमनें बांटा।
कांग्रेस न बापू का सम्मान करती है, न संविधान का
सपा सरकार में इस वर्ग के 16.60 लाख विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई होती थी, हमारे समय में यह संख्या बढ़कर 35.10 लाख हो गई है। उन्होंने कहा, राम मनोहर लोहिया कहा करते थे कि जो भी सरकार इस देश की ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करेगी, उसे कोई 50 वर्षों तक नहीं हटा सकेगा।
हमारी सरकार ने 1.47 करोड़ उज्ज्वला रसोई गैस कनेक्शन बांटे। 1.16 करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन दिए। 1.80 लाख मजरों तक बिजली पहुंचाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष आरोप लगा रहा है हमारे समय में एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ा। लेकिन, हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। बिजली उत्पादन दोगुना किया है और जल्दी ही यह तीन गुना हो जाएगा।
सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर होने वाली लूट को पूरी तरह से नियंत्रित किया है। सपा सरकार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे अधूरा छोड़कर गई थी, जिसे हमनें पूरा कराया। इसी तरह से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के काम को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
सपा सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की लागत 15200 करोड़ रुपये बताई गई थी, हम उनसे एस्टीमेट से ज्यादा चौड़ा और लंबा एक्सप्रेस-वे 11800 करोड़ रुपये में बनाकर दे रहे हैं। निर्माण कार्य वर्ष 2022 से पहले पूरा हो जाएगा।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का एक माह में शिलान्यास कर देंगे। गंगा एक्सप्रेस-वे के सर्वे में तेजी आएगी। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का काम एनएचएआई को करना है। जल्द ही यह परियोजना मूर्त रूप लेते हुए दिखेगी।
भाजपा के नाम से नहीं चला रहे कोई योजना
समाजवादी पेंशन योजना बंद किए जाने पर सीएम ने कहा कि हम भाजपा के नाम पर कोई योजना नहीं चला रहे हैं। इस पर सपा सदस्यों ने कहा कि समाजवादी शब्द संविधान में हैं। इस पर योगी ने पलट सवाल किया कि यह शब्द तो 1976 में संविधान में शामिल किया गया।
इसका मतलब सपा सदस्य इमरजेंसी का भी समर्थन करते होंगे। योगी ने कहा कि प्रदेश में 41.93 लाख वृद्धजनों को पेंशन दी जा रही है। 10 लाख दिव्यांगजन इस योजना का लाभ पा रहे हैं।
विधवा पेंशन में आयु सीमा खत्म कर दी है। पेंशन राशि भी 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। तीन तलाक पीड़िताओं को भी छह हजार रुपये सालाना आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पेंशन हमारे लिए राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
हारने पर ईवीएम को दोषी ठहराता है विपक्ष
सीएम ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जब यह चुनाव हारते हैं तो ईवीएम दोषी हो जाती है। जब जीतते हैं तो इन्हें ईवीएम में कोई दोष नहीं दिखता। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार अधिकाधिक तकनीक इस्तेमाल की पक्षधर है।
उन्होंने वर्ष 2016 और वर्ष 2019 के आंकड़े रखते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी सुधरी है। यही वजह है कि प्रदेश में 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है।
कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामजन्म भूमि पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद तमाम आशंकाओं को बावजूद प्रदेश में पूरी तरह शांति रही। 9-10 नवंबर को तो मारपीट तक की घटनाएं नहीं हुईं।
परीक्षा में नकल कराना, नौकरी के लिए पैसा लेना था एजेंडा
सीएम ने कहा कि उन्नाव में जमीन अधिग्रहण का फैसला सपा सरकार में लिया गया था। हम उस योजना को पूरा कर रहे हैं। किसानों को जो जमीन वापस दी जानी है, उस संबंध में भी कार्यवाही कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष खुद उन्नाव गए थे तो हमारे अधिकारियों ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। इस पर नेता प्रतिपक्ष चुपचाप वापस आ गए। हमारी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए 76 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के बारे में भी विस्तार से बताया।
कोयले वाले उद्योगों को पीएनजी व सीएनजी देने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। इससे गाजियाबाद समेत कई स्थानों को उद्योगों को लाभ होगा, पर्यावरण में सुधार आएगा।
सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार का नारा था, सत्ता में आएंगे नकल कराएंगे। दूसरी तरफ नौकरी के नाम पर पैसे लेंगे। भाजपा सरकार में पारदर्शी तरीके से पुलिस की भर्ती हुई है। अभी पुलिस भर्ती का परिणाम आया है, एक व्यक्ति नहीं कह सकता कि उससे पैसा लिया गया है।
तलवार सज्जन के हाथ में हो तो सुरक्षा करती है
सीएम योगी ने कहा कि यदि तलवार सज्जन व्यक्ति के हाथ में हो तो सुरक्षा करती है लेकिन दुर्जन के हाथ में हो लूट-पाट में काम आती है। सभी जानते हैं कि प्रदेश की भाजपा सरकार लोक कल्याण के काम कर रही है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अंतर यही है कि पात्र बदलने से व्यवस्था बदल गई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि संविधान को कौन लोग लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा भारती और खड़ग सिंह की कहानी सुनाई जिसमें बाबा के घोड़े को दस्यु धोखे से चुरा लेते हैं। बाबा कहते हैं कि यह बात किसी से बताना मत वरना लोग असहायों की मदद नहीं करेंगे। इस कहानी में हर कोई देख सकता है कि उसकी भूमिका कहां है?
कांग्रेस न बापू का सम्मान करती है न संविधान का
मुख्यमंत्री ने सदन का बहिष्कार कर रही कांग्रेस पर हमला किया। कहा, जिन्होंने महापुरुषों के नाम पर दशकों तक शासन किया वह सदन से गायब है। वे महात्मा गांधी की जयंती पर भी गायब रहे और संविधान दिवस पर भी। इससे साबित होता है कि वे न बापू का सम्मान करते हैं और न ही संविधान का। वे संविधान, देश के सम्मान और सुरक्षा की कीमत पर सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
परिवार को दल मानने वाले दे रहे समाजवाद का उपदेश
सीएम ने सपा-बसपा का नाम लिए बिना उन्हें खरी-खरी सुनाई। कहा कि जो लोग परिवार को दल मानते हैं वे समाजवाद का उपदेश दे रहे हैं। व्यक्ति को पार्टी मानने वाले बहुजन की बात कर रहे हैं। जिनके रग-रग में जातिवाद भरा था वे हम पर जातिवाद का आरोप लगा रहे हैं। जिनका एजेंडा व्यक्ति, परिवार जाति और मजहब था, वे उपदेश देने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने गरीबों की पीड़ा सुनी होती तो इसका अहसास होता। विपक्षी दलों को विशेष सत्र में आरोप-प्रत्यारोप के बजाय अच्छे कामों को स्वीकार करना चाहिए। रचनात्मक सुझाव देने चाहिएं। हमने सबका साथ-सबके विकास की भावना के साथ काम किया है।
आंबेडकर ही असहमति के बावजूद अनुच्छेद 370 की गई शामिल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की असहमति के बावजूद संविधान में अनुच्छेद 370 व 35-ए को शामिल किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी कहा था कि इस अनुच्छेद में कोई दम नहीं है। जिस नेता के पास कलेजा होगा, इसे हटा देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे हटाकर साबित कर दिया कि देश हित से ऊपर हमारे लिए कुछ भी नहीं।
केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहा। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। संविधान अंगीकार किए जाने की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। अनुच्छेद-370 खत्म किया। प्रयागराज कुंभ और प्रवासी भारतीय दिवस भी पूरी गरिमा के साथ पूर्ण हुए। हिंसा व गड़बड़ी रहित लोकसभा चुनाव हुए, जबकि पश्चिमी बंगाल की हिंसा के बारे में हम सब जानते हैं।
वोट बैंक की राजनीति न हो तो यूपी के नागरिक शांतिप्रिय
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी प्रदेश पूरी तरह से शांत रहा। हमारे प्रदेश के लोग शांतिप्रिय हैं, बशर्ते हम उन्हें वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल न करें। संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव विकास सूचकांक पर अमल की दिशा में आगे बढ़ रेह हैं।
एससी व अल्पसंख्यक समुदाय पर ज्यादा मार करता था इंसेफ्लाइटिस
प्रदेश में 28 लाख से अधिक लोगों को पीएम और सीएम आवास दिए। 2.61 करोड़ परिवारों को शौचालय दिए। प्लास्टिक मुक्त प्रदेश के लिए अभियान चला रहे हैं। इंसेफ्लाइटिस से मौत के केसों में 90 फीसदी की कमी आई है। 1970 से लोग इस बीमारी से मर रहे थे। मरने वालों में अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ही ज्यादा थे। सभी पार्टियों की सरकारें रहीं, पर उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
लेनदेन वाले भी होते हैं अफसर
सीएम योगी ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन की तारीफ की। कहा, वे अच्छे पुलिस अधिकारी रहे हैं। कहा कि अहमद हसन सब जानते हैं-अधिकारी अच्छे-खराब होते हैं। लेन-देन वाले भी होते हैं।
कभी तो अच्छा सोच लिया करें
सीएम के भाषण के दौरान सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने कुछ आपत्ति की तो सीएम ने हंसते हुए कहा, सतरुद्र प्रकाश आप काशी से आते हैं। कभी तो अच्छा सोच लिया करें।