कैंट में फिर खिला ‘कमल’, सुरेश तिवारी के सिर सजा ताज, बोले- सबकी अपेक्षा पर खरा उतरूंगा
कैंट सीट के उपचुनाव में भाजपा ने एक बार फिर परचम लहराया है। गुरुवार को हुई मतगणना में भाजपा के सुरेश तिवारी ने सपा, कांग्रेस व बसपा के प्रत्याशियों को पिछाड़ते हुए 35,423 मतों से भारी भरकम जीत दर्ज की। 26 चरण तक चली मतों की गिनती के दौरान किसी भी राउंड में विरोधी भाजपा प्रत्याशी पर बढ़त नहीं बना पाए।
भाजपा के सुरेश तिवारी को जहां 56,684 मत मिले, वहीं सपा के मेजर आशीष चतुर्वेदी 21,261 वोटों के साथ दूसरे और कांग्रेस के दिलप्रीत सिंह डीपी 19,445 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। बसपा के अरुण द्विवेदी सहित दस अन्य प्रत्याशी जमानत तक नहीं बचा सके।
दोपहर दो बजे भाजपा प्रत्याशी की जीत की अधिकृत तौर पर घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम ने रिटर्निंग अफसर अभिषेक रंजन की मौजूदगी में सुरेश तिवारी को प्रमाणपत्र सौंपा। इससे पहले रमाबाई रैली स्थल परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह साढ़े छह बजे मतगणना शुरू हुई।
नामित प्रेक्षक ए प्रसन्ना की मौजूदगी में सुबह सवा आठ बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ वोटों की गिनती का काम शुरू हुआ। 1,10,776 मतों की गिनती सुरेश तिवारी के जीत के ऐलान के साथ खत्म हुई।
शुरू से कायम रखी बढ़त
सुबह नौ बजे खत्म हुई पहले दौर की मतगणना से ही भाजपा प्रत्याशी ने 1869 मत प्राप्त कर सपा, कांग्रेस व बसपा प्रत्याशी पर जो बढ़त बनाई, वह अंत तक कायम रही। हालांकि, सपा प्रत्याशी मेजर आशीष चतुर्वेदी और कांग्रेस के दिलप्रीत सिंह डीपी कुल मतों के छठे से अधिक वोट हासिल कर अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे।
सबकी अपेक्षा पर खरा उतरूंगा : तिवारी
चौथी बार कैंट सीट से विधायक चुने गए सुरेश तिवारी ने जीत का श्रेय मतदाताओं के साथ पीएम मोदी व सीएम योगी के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने सभी वोटरों का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वह उनकी अपेक्षा पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
सपा प्रत्याशी के मतगणना में गड़बड़ी के आरोप पर उन्होंने कहा कि कैंट की जनता ने दूसरे विधानसभा क्षेत्र से आयातित विपक्ष के तीनों प्रत्याशियों को नकारा है। अब वे आरोप लगाकर अपनी हताशा मिटा रहे हैं। जीत की घोषणा से दो घंटा पहले ही तिवारी मतगणना स्थल पहुंच गए थे।
मेजर आशीष ने लगाया गड़बड़ी का आरोप
सुबह से समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर जुटे सपा प्रत्याशी मेजर आशीष चतुर्वेदी हर चक्र की गणना में भाजपा प्रत्याशी से बढ़ते मतों के अंतर से हताश दिखने लगे।
दोपहर 12 बजे वह गणना कक्ष से निकल आए और मतगणना में गड़बड़ी कर भाजपा को जितवाने का आरोप प्रशासन पर लगाया। उनका कहना था कि जिस बूथ पर उनके परिचित 55 सैन्य परिवारों के वोटरों ने मतदान किया था, वहां से भी उन्हें नाममात्र के वोट मिले जो बिना गड़बड़ी के संभव नहीं।