आतंकियों के निशाने पर यूपी, हो सकते हैं धमाके, अलर्ट जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहनलालगंज क्षेत्र में पटरी काटे जाने, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर बम बरामद होने व शताब्दी में बम होने की सूचना के बाद राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने अंदेशा जताया है कि आतंकी राज्य में विस्फोट कर सकते हैं।
एजेंसियों ने रेलवे प्लेटफार्म, स्टेशन व ट्रेनों के साथ ही धार्मिक स्थलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों व भीड़ भरे बाजारों में सतर्कता बरते जाने को कहा है। फर्रुखाबाद में मिले बम को आतंकियों द्वारा परीक्षण के तौर पर रखा गया माना जा रहा है।
वैसे तो शताब्दी में बम की सूचना फर्जी निकली लेकिन, आला अफसर मोहनलालगंज की घटना को भी कम अहमियत दे रहे थे और उनका मानना था कि दोनों घटनाएं स्थानीय स्तर की हैं।
एटीएस अफसरों के साथ आईजी एसटीएफ सुजीत पांडेय ने भी हालात का जायजा लिया। पर फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर बम बरामद होने के बाद अब मोहनलालगंज की घटना को भी उसी गंभीरता से लिया जा रहा है। पर खुफिया एजेंसियां इसे पिछले दिनों अदालत द्वारा 11 जुलाई 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट के आरोपियों को सजा दिए जाने से भी जोड़ कर देख रही हैं।
मुंबई ट्रेन विस्फोट में फैसला आने के कारण हो सकते हैं धमाके
एजेंसियों ने आशंका जताई है कि यह घटनाएं अदालत के फैसले का री-एक्शन हो सकती हैं। देर से ही सही लेकिन खुफिया एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि जिस तरह अयोध्या मसले पर फैसला आने के बाद आतंकी हमले का अंदेशा था, कुछ उसी तरह इस बार मुंबई ट्रेन विस्फोट के आरोपियों को सजा दिए जाने के बाद किसी तरह की वारदात का अंदेशा है।
लो ब्लास्ट इंटेंसिटी का है बम
फर्रुखाबाद में बरामद बम में किसी तरह का डिटोनेटर लगा नहीं पाया गया। इसके बगैर बम में विस्फोट नहीं हो सकता था। इस बम को डमी बम माना जा रहा है और खुफि या एजेंसियों को शक है कि इसे रेकी करने के लिए रखा गया था।
बम को फोरेंसिक विशेषज्ञों की जांच के लिए भेजा गया है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी तक बम के बारे में जो जानकारी हासिल की है, उस लिहाज से बम की विफोटक क्षमता खासी कम थी। बरामद बम को डिफ्यूज करने के लिए कानपुर से विशेषज्ञों को बुलाना पड़ा। इसमें कई घंटे लग गए।
ऐसे कई और रेलवे स्टेशन हैं, जहां बम बरामद होने के बाद उन्हें डिफ्यूज करने के लिए दूसरे जिलों से विशेषज्ञों को बुलाना पड़ता है। ऐसे में खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों को यह शक है कि कहीं आतंकी यह तो नहीं देखना चाहते थे कि बम बरामद होने के बाद क्या कार्रवाई हो रही है और इसमें कितना समय लग रहा है।
भारतीय रेलवे लिखी प्लेट पर तैयार किया गया बम
जिस प्लेट पर इसे तैयार किया गया, उस पर भारतीय रेलवे लिखा हुआ है। इसे लेकर यह अंदेशा हो रहा है कि कहीं बम रखने की साजिश में कोई रेल कर्मी तो शामिल नहीं।
अगर कोई कर्मचारी शामिल नहीं है तो बम बनाने वाले की पहुंच रेल कर्मियों तक है। अन्यथा सामान्य परिस्थितियों में भारतीय रेलवे लिखी प्लेट सबको सुलभ होना आसान नहीं।
मामले पर एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत चौधरी का कहना है कि मोहनलालगंज व फर्रुखाबाद की घटना के बाद सभी जगह अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक किसी मामले में किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता के साक्ष्य सामने नहीं आए हैं, लेकिन विभाग सतर्क है। किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी। एनआईए भी अपने स्तर से जांच कर रही है।