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सड़कों के गड्ढामुक्त अभियान पर अब ये होगा यूपी सरकार का प्लान

Fri, 16 Jun 2017 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 16 Jun 2017 01:48 AM IST
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Uttar Pradesh government plan on pathole free roads.
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य - फोटो : amar ujala

उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा है कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने 14 जून की शाम तक 76 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने को बड़ी उपलब्धि बताया।

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मौर्य ने कहा कि पिछले 15 वर्षों की सपा-बसपा की सरकारें इतना काम नहीं कर पाईं। जो विभाग संसाधनों की कमी के कारण अपनी सड़कों को दुरुस्त नहीं कर पाए हैं, उनसे भी सड़कों की स्थिति में सुधार लाने के लिए लगातार बात की जा रही है। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।
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पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने अपने 100 दिन से कम समय के कार्यकाल में ही विकास के कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
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86 लाख किसानों के कर्ज माफ किए गए। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान दिलवाया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हिसाब से 18-24 घंटे तक बिजली दे रहे हैं। अखिलेश सरकार ने पांच साल में उतना गेहूं नहीं खरीदा, जितना अभी तक हम खरीद चुके हैं।

मौर्य ने कहा, 70 हजार किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त

Uttar Pradesh government plan on pathole free roads.

मौर्य ने कहा कि हमें प्रदेश में 1,21,034 किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त करनी थीं, जिसमें से 85,160 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी की थीं। पीडब्ल्यूडी ने इसमें से 70,030 किलोमीटर  सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी हैं और उसकी प्रगति 82 फीसदी है।

इसी तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग विंग ने 84 फीसदी, एनएचएआई ने 81 फीसदी, पीएमजीएसवाई ने 96 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी हैं। इस तरह से अभी तक 76,356 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा चुका है।

इस काम में पंचायती राज विभाग, मंडी परिषद, गन्ना विभाग व नगर निकायों की प्रगति धीमी होने और सिंचाई विभाग की प्रगति शून्य होने के बाबत उन्होंने कहा कि इन विभागों से लगातार बात की जा रही है।

मौर्य ने कहा कि सिंचाई विभाग का मुख्य काम नहरों की सफाई है, इसलिए सड़कों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध न होने के कारण वह गड्ढा मुक्त अभियान में अभी तक अपेक्षित योगदान नहीं दे सका। जल्द ही इस स्थिति में सुधार दिखेगा।

10,177 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त

Uttar Pradesh government plan on pathole free roads.

केशव ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने के कारण कई जिलों में कामों के लिए निविदाएं नहीं मिलीं, इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी ने सरकार के दिए मुश्किल लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि 10,177 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त हैं। इन्हें ठीक करने के लिए अतिरिक्त समय और ज्यादा राशि की जरूरत है। इस बार अधिकतर स्थानों पर हॉटमिक्स प्लांट से सड़कों के गड्ढे भरवाए गए हैं, जिस पर रोलर भी चलवाए गए हैं। पैच मरम्मत के लिए मार्गवार राशि दी गई है, इसलिए कोई सामान्य नागरिक भी जान सकता है कि मार्ग विशेष के गड्ढे भरवाने पर कितनी राशि खर्च हुई है।

अक्टूबर तक ठीक हो सकेंगी पूरी तरह से ध्वस्त सड़कें
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए दी गई समयावधि गुरुवार को खत्म हो गई। पीडब्ल्यूडी ने अंतिम तिथि 30 जून करने का अनुरोध सरकार से किया था। साथ ही पूर्णत: ध्वस्त मार्र्गों को ठीक करने के लिए अक्टूबर तक का समय मांगा था।

चूंकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में कहा था कि बरसात के बाद भी गड्ढा मुक्त अभियान चलता रहेगा। इसलिए केशव मौर्य ने पूरी तरह से ध्वस्त मार्गों को ठीक करने के लिए अक्टूबर तक का समय दे दिया, पर गड्ढामुक्त अभियान लगातार चलाए जाने की बात कही है। बता दें कि ध्वस्त मार्गों को राशि विधानसभा में बजट पास होने के बाद ही मिल पाएगा।

केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ हुई बैठक के निर्णयों की दी जानकारी

Uttar Pradesh government plan on pathole free roads.

- 6260 किमी. लंबे 73 मार्गों को मिलेगा राष्ट्रीय मार्ग का दर्जा। 2313 करोड़ रुपये की होगी बचत।
- केंद्रीय मार्ग निधि योजना के तहत 5000 किमी. लंबी सड़कों पर खर्च किए जाएंगे 10 हजार करोड़।

-झांसी से जालौन-उरई-बेला होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तक छह लेन मार्ग बनाने के लिए 9600 करोड़ रुपये देने पर सहमति।

- इलाहाबाद महानगर में 76 किमी लंबी इनर रिंग रोड बनेगी। लागत 3500 करोड़ रुपये।
- इलाहाबाद में फाफामऊ के पास 2460 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन सेतु।

- झांसी-चित्रकूट-इलाहाबाद राष्ट्रीय मार्ग को दो लेन से चार लेन बनाने पर सहमति। जिसकी लंबाई 380 किमी और लागत 3000 करोड़ रुपये आएगी।

- गोवर्धन के विकास के लिए नए फोरलेन राष्ट्रीय मार्ग और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। 4645 करोड़ रुपये खर्च।

- गोरखपुर में 1600 करोड़ रुपये की लागत का 35 किमी. लंबा बाईपास।

- बरेली महानगर में रिंग रोड के लिए दक्षिण में बाईपास का निर्माण। कानपुर, मेरठ, इलाहाबाद, मुरादाबाद में बाईपास और रिंग रोड बनाने पर सहमति।

- बरेली महानगर में राष्ट्रीय मार्ग संख्या-24 के बाईपास एवं बरेली-बीसलपुर मार्ग पर रेलवे क्रासिंग पर फ्लाई ओवर का निर्माण जल्द।

- लखनऊ शहर में 7 एलिवेटेड मार्ग।

सेतु निगम को मिलेंगे रेलवे के ठेके
केशव मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम और भारत सरकार के उपक्रम ‘राइट’ के बीच समझौते के तहत जॉइंट वेंचर बनाया जाएगा। इसके तहत रेलवे लाइन बनाने समेत रेलवे के तमाम काम किए जाएंगे।

केंद्र की योजनाओं को सपा सरकार ने नहीं किया लागू

Uttar Pradesh government plan on pathole free roads.

केशव मौर्य ने कहा कि राजनीतिक अहंकार के चलते सपा सरकार ने केंद्र की कई योजनाओं को लागू नहीं होने दिया। इससे प्रदेश को काफी नुकसान हुआ। नए घोषित किए गए राष्ट्रीय मार्गों के लिए एनओसी ही जारी नहीं की, लेकिन अब कई नए राष्ट्रीय मार्ग स्वीकृत करने के लिए केंद्र की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। जल्द ही काम भी शुरू हो जाएगा।

बरेली में दुर्घटना वाले स्थान पर बनेगा फ्लाईओवर
केशव मौर्य ने बरेली में सड़क हादसे में मरे 24 लोगों से संबंधित एक सवाल पर कहा कि प्रदेश में दुर्घटना के प्वाइंट चिह्नित किए जा रहे हैं। वहां आवश्यकता के अनुसार सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास और फ्लाईओवर बनाने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा। रामवनगमन मार्ग के जल्द निर्माण की योजना भी बताई।

क्या इटली में किसान पंचायत कर रहे राहुल
मौर्य ने किसानों की खुदकुशी से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि योगी और मोदी सरकार को किसानों की जितनी चिंता है, उतनी चिंता सत्ता में रहने पर विपक्षी दलों ने कभी नहीं की।

उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि क्या अब कांग्रेस के युवराज इटली में किसान पंचायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुआ-भतीजे (मायावती और अखिलेश यादव) की सरकार ने भी कभी किसानों की चिंता नहीं की।

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