मितव्ययिता का फंडा : यूपी सरकार ने खत्म किए वित्त एवं लेखा सेवा के 93 पद
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उत्तर प्रदेश सरकार के मितव्ययिता के एजेंडे पर बढ़ते हुए वित्त विभाग ने अलग-अलग विभागों में वित्त एवं लेखा सेवा संवर्ग के 93 पदों को खत्म करने का फैसला किया है। इनमें मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी के 12, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के 24 तथा वित्त एवं लेखाधिकारी के 35 पद शामिल हैं।
मुख्य तथा वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के पद पदोन्नति के हैं जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी का पद सीधी भर्ती का है। विभाग ने सहकारी वन प्रबंध एवं निर्धनता उन्मूलन परियोजना के 22 पद भी खत्म कर दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में वित्त एवं लेखा सेवा संवर्ग के समूह ‘क’ व ‘ख’ के विभिन्न वेतनमान के पदों को चिह्नित कर उन्हें वित्त एवं लेखा सेवा की जनशक्ति में शामिल किया था। अब अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने अभिकरणों में नियुक्त एवं वित्त एवं लेखा सेवा संवर्ग में जनशक्ति के रूप में शामिल 71 पदों को जनशक्ति से निकाले जाने का आदेश जारी कर दिया है।
खत्म पदों का काम अतिरिक्त प्रभार के हवाले
शासन ने जनशक्ति से निकाले गए 71 पदों से संबंधित वित्तीय कार्य संबंधित जिलों में तैनात वित्त एवं लेखा सेवा के मुख्य कोषाधिकारी अथवा वरिष्ठ कोषाधिकारी को सौंपने का फैसला भी किया है। इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन-भत्ता नहीं मिलेगा।
पदोन्नति व रोजगार के घटेंगे अवसर
खत्म किए गए पद अधिकारी संवर्ग के हैं। इनमें बड़ी संख्या में पदोन्नति के पद भी शामिल हैं। इससे नियमित भर्ती से आए कर्मियों की पदोन्नति के अवसर कम होंगे। वहीं, सीधी भर्ती के पद खत्म होने से रोजगार के अवसर भी घटेंगे। हालांकि विभाग का कहना है कि वर्तमान में इन पदों की आवश्यकता ही नहीं रह गई थी।