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यूपी कैबिनेट में पुलिस विभाग में भर्तियों पर फैसला, भरे जाएंगे 30 से 35 हजार पद

Wed, 09 Aug 2017 03:16 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 09 Aug 2017 03:16 AM IST
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Uttar Pradesh cabinet meet.
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

सिपाही भर्ती में अब हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व शारीरिक परीक्षा के नंबर काम नहीं आएंगे। योगी सरकार ने सिपाही बनने के लिए लिखित परीक्षा कराने को मंजूरी दे दी है। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी होगी। शारीरिक शिक्षा भी कड़ी और क्वालिफाइंग कर दी गई है। यानी फिजिकल के लिए अंक नहीं दिए जाएंगे।

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सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में अखिलेश सरकार की भर्ती प्रक्रिया को खत्म करते हुए पुलिस भर्ती नियमावली में बदलाव को मंजूरी दे दी गई।
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लिखित परीक्षा 300 नंबर की, पूछे जाएंगे ऑब्जेक्टिव सवाल
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि लिखित परीक्षा 300 नंबर की होगी। ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। माइनस मार्किंग भी होगी जो भर्ती बोर्ड तय करेगा। भर्ती क्वालीफाई करने के लिए कोई न्यूनतम अंक की बंदिश नहीं है। लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक परीक्षा होगी। इसमें कितने लोगों को बुलाया जाएगा, यह भी बोर्ड तय करेगा।
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अब 25 मिनट में ही दौड़ना होगा 4.8 किमी
पुरुषों को 4.8 किमी की दौड़ के लिए अब 25 मिनट मिलेंगे। पहले 27 मिनट मिलते थे। वहीं, महिलाओं को 2.4 किमी की दूरी तय करने के लिए 16 के बजाय 14 मिनट ही मिलेंगे।

एक साथ होगी पुरुष-महिला भर्ती
पहले पुरुष व महिला सिपाही की भर्ती अलग-अलग आयोजित की जाती थी। अब एक साथ कराई जाएगी। पुरुषों के लिए उम्र सीमा 18-22 होगी जबकि महिलाओं के लिए 18-25 वर्ष होगी।

35 हजार सिपाहियों की भर्ती की तैयारी

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सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद सिपाही भर्ती में तेजी आने की उम्मीद है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में सिपाहियों के एक लाख एक हजार पद खाली हैं। इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों के ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं है, इसलिए इसे दो से तीन साल में भरा जाएगा।

इस साल 30 से 35 हजार पद भरे जाएंगे।नियमावली जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हुई तो एक ही परीक्षा अलग-अलग पाली, अलग-अलग दिन और अलग-अलग प्रश्नपत्र के आधार पर कराए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में नॉर्मलाइजेशन होगा। इसकी प्रक्रिया भर्ती बोर्ड तय करेगा।

प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिखित परीक्षा के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि पहले हाईस्कूल के लिए 100 अंक, इंटरमीडिएट के 200 अंक व शारीरिक परीक्षा के 200 अंक के आधार पर सिपाही भर्ती की व्यवस्था थी।

पिछली सरकार ने 34 हजार पुलिस भर्ती इसी नियम के तहत की थी। यह मामला हाईकोर्ट गया। अदालत ने भर्ती पर रोक लगा दी थी। मामला अब भी लंबित है।हाईकोर्ट ने इस मामले में नई सरकार की राय पूछी थी। कैबिनेट ने नई व पारदर्शी भर्ती नियमावली को मंजूरी दे दी है।

सिपाही भर्ती सहित कैबिनेट में छह और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आगे देखें-

1000 करोड़ कर्ज लेकर गरीबों के घर बनाएगी सरकार

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प्रदेश कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन के अंतर्गत एक लाख आवास बनाने के लिए हुडको से कर्ज लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शहरी गरीबों के आवास के लिए सूडा यह कर्ज लेगा। आवास एवं शहरी विकास कारपोरेशन राज्यांश के हिस्से की यह रकम राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) को उपलबध कराएगा। कैबिनेट ने बजट में इस रकम का प्रावधान कराने पर भी सहमति दे दी है।

ऊर्जा मंत्री व प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बेघरों के लिए घर उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की है। शहरी क्षेत्र में ऐसे लोगों के लिए यह योजना है जिनके पास जमीन तो है लेकिन घर बनवाने के लिए पैसे नहीं हैं।

योगी सरकार इस योजना को पूरी शिद्दत से लागू कर रही है। अफोर्डेबल हाउसिंग के अंतर्गत इस योजना में 60 प्रतिशत रकम केंद्र सरकार देगी और 40 प्रतिशत राज्य सरकार का अंश होगा। लाभार्थी एक लाख रुपये तक खुद भी लगा सकेंगे।

समाजवादी नहीं, अब सीएम किसान एवं सर्वहित बीमा योजना

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कैबिनेट ने समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब यह योजना मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के नाम से जानी जाएगी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में शुरू की गई थी।

इस योजना में 75 हजार से कम आय वर्ग के भूमिहीन, रेहड़ी, खोमचे वाले, पटरी दुकानदार सहित तमाम वर्गों के लोग आते हैं। इसके अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु पर संबंधित परिवार को पांच लाख रुपये तक सहायता दी जाती है। गंभीर स्थिति में इलाज के लिए 2.5 लाख रुपये मंजूर होते हैं। कृत्रिम अंग के लिए एक लाख रुपये की मदद मिलती है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना को मंजूरी
प्रदेश में बीहड़, बंजर व जलभराव वाले क्षेत्रों के सुधार व उपचार के लिए पंडित दीनदयाल किसान समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना 2017-18 से 2021-22 तक के लिए मंजूर की गई है। यह योजना बुंदेलखंड छोड़कर प्रदेश के बाकी 68 जिलों में चलेगी। बुंदेलखंड में बुंदेलखंड पैकेज के तहत ये काम पहले से हो रहे हैं।

शर्मा ने बताया कि 1,56,186 हेक्टेयर जमीन को खेती लायक बनाया जाएगा। इस पर 477.33 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। प्रमुख सचिव कृषि रजनीश गुप्ता ने बताया कि इसके अंतर्गत बंधा बनाने, चेकडैम बनाने, कृषि भूमि से पानी निकालने जैसे उपाय किए जाएंगे। एक हेक्टेयर जमीन पर पांच हजार रुपये का खर्च आता है। सरकार इसमें 2500 रुपये का अनुदान देगी। इस साल 32 हजार हेक्टेयर जमीन को उपजाऊ बनाया जाएगा। इस पर 84 करोड़ खर्च होंगे।

दूधिया रोशनी से जगमग होंगी नगर निगमों की सड़कें

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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में स्ट्रीट लाइट की मौजूदा लाइटिंग सिस्टम की जगह एलईडी की लाइट लगाई जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की संस्था ईईएसएल से समझौता किया गया है। इससे 50 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होगी। इसके अलावा अब तक नगरों में 30 से 40 फीसदी क्षेत्रों में लाइट की व्यवस्था नहीं थी। एलईडी लाइट नगर निगमों के शत प्रतिशत  क्षेत्रों में लगेगी। यही कंपनी सात साल तक एलईडी का मेंटेनेंस भी करेगी।

विधानमंडल के  सत्रावसान को मंजूरी
कैबिनेट ने विधानमंडल के प्रथम सत्र का सत्रावसान कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। योगी सरकार का यह पहला सत्र था। पहले चरण में राज्यपाल के अभिभाषण सहित जरूरी विधायी कार्य हुए थे। दूसरे चरण में योगी सरकार के पहले बजट के साथ एक दर्जन से अधिक विधेयक पारित किए गए।

संदेश देने वाली फिल्मों पर एसजीएसटी वापस
ऐसी फिल्में जो समाज को संदेश देती हैं और जिनकी 50 प्रतिशत शूटिंग प्रदेश में होती है, उन्हें राज्य एवं वस्तु सेवा कर (एसजीएसटी) की रकम की प्रतिपूर्ति की जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे दर्शकों पर एसजीएसटी का भार नहीं पड़ेगा।

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