यूपी बजट पर दिखी 'बरेली' की छाप, विरोध करने वेल में खड़े थे शायर तब पढ़ा गया उन्हीं का शेर
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योगी सरकार के तीसरे बजट में बरेली जिले के लिए भले ही कुछ न हो पर बरेली की छाप जरूर दिखी। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आते हैं। उन्होंने बजट की शुरुआत मशहूर शायर और अपने शहर की अजीम शख्सियत वसीम बरेलवी के शेर से की।
बजट पेश करते हुए राजेश अग्रवाल ने कहा, अपनी भावनाओं को वसीम बरेलवी की इन पंक्तियों से जाहिर करना चाहूंगा...
हवा का रुख बदल देने का हौसला भी है ताकत भी
निभाते हैं, अगर कोई भी वादा कर लिया हमने।
सफर अपना किसी तूफान के डर से नहीं रुकता,
इरादा कर लिया तो फिर इरादा कर लिया हमने।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने ये शेर भी पढ़े :
जब इरादा बना लिया ऊंची उड़ान का,
फिर देखना फिजूल है कद आसमान का।
इसके अलावा आगे उन्होंने शेर पढ़ा,
सभी का साथ न होता हमारा धर्म तो फिर,
हम एक दरिया से छोटी सी झील हो जाते।
साढ़े 36 पेज के बजट भाषण का अंत राजेश अग्रवाल ने इस शेर से किया
लहरों को साहिल की दरकार नहीं होती,
हौसला बुलंद हो तो कोई दीवार नहीं होती
जलते हुए चिराग ने आंधियों से ये कहा
उजाला देने वालों की कभी हार नहीं होती।
विधान परिषद में जब उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने वसीम बरेलवी के शेर के साथ बजट भाषण की शुरुआत की तो बतौर सपा एमएलसी वसीम बरेलवी भी वहां मौजूद थे और बजट का विरोध कर रहे सपा सदस्यों के साथ वेल में खड़े थे।
बजट भाषण में अपना ही शेर सुनकर उनके लबों पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई। बाद में उन्होंने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा, मेरे कह देने के बाद कोई भी शेर फिर मेरा नहीं रहता, वह सबका हो जाता है।