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यूपी: बिजली के निजीकरण के विरोध में कर्मियों का आर-पार का एलान, आज दिल्ली में आगे के लिए बनेगी रणनीति
Sun, 14 Dec 2025 10:20 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 14 Dec 2025 10:20 AM IST
सार
Power crisis in UP: यूपी में होने वाले बिजली के निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। आज दिल्ली में उसको लेकर रणनीति बनेगी।
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यूपी में बिजली व्यवस्था।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध के साथ इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में बिजली कर्मचारियों की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों के केन्द्रीय पदाधिकारियों के साथ 14 दिसंबर को दिल्ली में बैठक हो रही है। इसमें संयुक्त संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी और आंदोलन के कार्यक्रमों की घोषणा की जायेगी।
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नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की ओर से इस मीटिंग में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन (एटक), इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीटू), इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन (इंटक), ऑल इंडिया पावर मेन्स फेडरेशन (एआईयूटीयूसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री सम्मिलित होंगे।
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ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों की इस बात पर सहमति हो गई है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 संपूर्ण बिजली क्षेत्र का निजीकरण करने के लिए लाया गया है। जो किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए घातक है। अत: इसका राष्ट्रव्यापी विरोध किया जाना बहुत जरूरी है।
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