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यूपी : निर्विवाद वरासत दर्ज करने के लिए विशेष अभियान 15 से, मुख्य सचिव ने जारी किया कैलेंडर
Fri, 11 Dec 2020 09:46 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Dec 2020 09:46 PM IST
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मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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अब लोगों को वरासत दर्ज कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनियों में दर्ज करने के लिए 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक दो महीने का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। अभियान की समाप्ति पर प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक (आरआई), तहसीलदार व उपजिलाधिकारी (एसडीएम) यह प्रमाणपत्र भी देंगे कि उनके क्षेत्र के राजस्व ग्रामों में निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने के लिए बाकी नहीं है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं।
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया कि आवेदक स्वयं घर बैठे ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकेगा। राजस्व परिषद की वेबसाइट पर ‘राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली’ लिंक पर जाकर ‘उत्तराधिकार/वरासत के लिए आवेदन’ क्लिक कर सकते हैं। लेखपाल अपनी लॉग-इन आईडी से भी विवरण भरेंगे। आवेदन सब्मिट करते ही क्रमांक स्वत: जनरेट होकर हलका लेखपाल व संबंधित राजस्व निरीक्षक की आईडी पर पहुंच जाएगा। इसके बाद लेखपाल सत्यापन के आधार पर मृतक, विवाहिता, पुनर्विवाहिता की वरासत दर्ज करने की कार्यवाही करेंगे।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि तय कैलेंडर के अनुसार, मंडलायुक्त व डीएम अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे। दोनों अधिकारियों के साथ-साथ एडीएम स्थलीय सत्यापन करेंगे। अभियान के अंत में डीएम प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत राजस्व ग्रामों का रैंडम सत्यापन कराएंगे। इसके लिए तहसील स्तर पर हेल्पलाइन व जन सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया कि आवेदक स्वयं घर बैठे ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकेगा। राजस्व परिषद की वेबसाइट पर ‘राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली’ लिंक पर जाकर ‘उत्तराधिकार/वरासत के लिए आवेदन’ क्लिक कर सकते हैं। लेखपाल अपनी लॉग-इन आईडी से भी विवरण भरेंगे। आवेदन सब्मिट करते ही क्रमांक स्वत: जनरेट होकर हलका लेखपाल व संबंधित राजस्व निरीक्षक की आईडी पर पहुंच जाएगा। इसके बाद लेखपाल सत्यापन के आधार पर मृतक, विवाहिता, पुनर्विवाहिता की वरासत दर्ज करने की कार्यवाही करेंगे।
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अपर मुख्य सचिव ने बताया कि तय कैलेंडर के अनुसार, मंडलायुक्त व डीएम अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे। दोनों अधिकारियों के साथ-साथ एडीएम स्थलीय सत्यापन करेंगे। अभियान के अंत में डीएम प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत राजस्व ग्रामों का रैंडम सत्यापन कराएंगे। इसके लिए तहसील स्तर पर हेल्पलाइन व जन सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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वरासत अभियान का कैलेंडर
मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 से 30 दिसंबर 2020
हलका लेखपाल द्वारा ऑनलाइन जांच व कार्यवाही 31 दिसंबर 2020 से 15 जनवरी 2021
राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच व आदेश की कार्यवाही 16 जनवरी से 31 जनवरी 2021
राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) द्वारा राजस्व निरीक्षक
के नामांतरण आदेश को आर-6 में दर्ज कर खतौनी 16 जनवरी से 31 जनवरी 2021
की प्रविष्टियों को भूलेख सॉफ्टवेयर में अपडेट करना
लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम
कोई निर्विवाद प्रकरण बाकी न रहने का प्रमाणपत्र देंगे 1 फरवरी से 7 फरवरी 2021
प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत गांवों का सत्यापन 8 फरवरी से 15 फरवरी 2021
अभियान की रिपोर्ट तय प्रारूप पर वेबसाइट पर अपडेट 31 दिसंबर 2020, 17 जनवरी व
करने की कार्यवाही 2 फरवरी 2021
जिलों के स्तर से प्रमाणपत्र राजस्व परिषद को भेजने की समयसीमा 20 फरवरी 2021
हलका लेखपाल द्वारा ऑनलाइन जांच व कार्यवाही 31 दिसंबर 2020 से 15 जनवरी 2021
राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच व आदेश की कार्यवाही 16 जनवरी से 31 जनवरी 2021
राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) द्वारा राजस्व निरीक्षक
के नामांतरण आदेश को आर-6 में दर्ज कर खतौनी 16 जनवरी से 31 जनवरी 2021
की प्रविष्टियों को भूलेख सॉफ्टवेयर में अपडेट करना
लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम
कोई निर्विवाद प्रकरण बाकी न रहने का प्रमाणपत्र देंगे 1 फरवरी से 7 फरवरी 2021
प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत गांवों का सत्यापन 8 फरवरी से 15 फरवरी 2021
अभियान की रिपोर्ट तय प्रारूप पर वेबसाइट पर अपडेट 31 दिसंबर 2020, 17 जनवरी व
करने की कार्यवाही 2 फरवरी 2021
जिलों के स्तर से प्रमाणपत्र राजस्व परिषद को भेजने की समयसीमा 20 फरवरी 2021