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UP : आज समूह में काम करने वाले किसानों को बड़ी सौगात देगी सरकार, कैबिनेट बैठक में मिल सकती है मंजूरी
Wed, 22 Feb 2023 06:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Feb 2023 06:01 AM IST
सार
प्रदेश में आत्म निर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत गठित कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को शेयर पूंजी अनुदान निधि के रूप में 6-6 लाख रुपये देने का प्रस्ताव है। बुधवार को प्रदेश कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।
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योगी कैबिनेट file pic..
विस्तार
प्रदेश सरकार समूह में काम करने वाले किसानों को बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश में आत्म निर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत गठित कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को शेयर पूंजी अनुदान निधि के रूप में 6-6 लाख रुपये देने का प्रस्ताव है। बुधवार को प्रदेश कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।
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सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को कृषक उद्यमी के रूप में प्रोत्साहित कर पूर्ण स्वरोजगारी बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत गठित किए जाने वाले एफपीओ को उनके अंशधारकों की पूंजी के बराबर अथवा अधिकतम छह लाख रुपये शेयर पूंजी अनुदान देने का प्रस्ताव है। यह शेयर पूंजी 2000 रुपये प्रति शेयर होल्डर, 300 शेयर होल्डर के लिए होगी। इससे एफपीओ व उससे जुड़े किसानों को व्यावसायिक क्त्रियाकलापों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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प्रदेश सरकार ने राज्य के संसाधनों से आत्म निर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 से 2024-25 के तीन वर्षों में 1475 एफपीओ के गठन का लक्ष्य तय किया है। तीन वर्षों में 88.50 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। योजना के क्त्रियान्वयन से इन समूहों से जुड़ने वाले 4.25 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
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इसलिए योजना का प्रस्ताव
नवगठित एफपीओ के सामने अपने कृषि व्यवसाय को शुरू करने के लिए अंश पूंजी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। वजह, वर्तमान में संचालित समस्त उद्यम परियोजनाओं में क्त्रेडिट लिंक्ड व्यवस्था वित्तीय उपादान/ प्रतिपूर्ति पर आधारित है। किसानों को किसी भी लाभ के लिए पहले पूंजी लगानी पड़ती है, इसके बाद प्रतिपूर्ति की जाती है।
प्रस्तावित शेयर पूंजी अनुदान योजना एफपीओ के सामने उपस्थित इस वित्तीय चुनौती में बड़ी मददगार साबित हो सकती है। यह किसान उत्पादक कंपनियों व किसान उत्पादक सहकारी समितियों की समग्र पूंजी आधार बढ़ती है। इससे समूह के सदस्यों की शेयर पूंजी में वृद्धि होगी जिससे कंपनियों व समितियों में सदस्य किसानों के स्वामित्व व भागीदारी में वृद्धि हो सकेगी।
इन योजनाओं का लाभ लेने में मिलेगी मदद...
- केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना निधि
- नेशनल लाइव स्टॉक मिशन
- पीएम किसान संपदा योजना
- पीएम मत्स्य संपदा योजना
- एमएसएमई नीति-2022
- जैव ऊर्जा उद्यम नीति-2022
- कृषक उद्यमिता से संबंधित योजनाएं