फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: The air of the capital is getting polluted since Diwali, chimneys of factories will be 20 feet taller

यूपी: दिवाली के बाद से दूषित होती जा रही राजधानी की हवा, फैक्टरियों की चिमनियां 20 फीट और होंगी ऊंची

Wed, 13 Nov 2024 06:33 AM IST
रोहित मिश्र विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 13 Nov 2024 06:33 AM IST
सार

Pollution level in Lucknow: यूपी की राजधानी में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। अब शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में लगी चिमनियों की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। 

विज्ञापन
UP: The air of the capital is getting polluted since Diwali, chimneys of factories will be 20 feet taller
वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हवा की सेहत को सुधारने के लिए तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों की चिमनियां 20 फीट और ऊंची की जाएंगी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस बाबत निर्देश दिए हैं। राजधानी में दिवाली के बाद से हवा की सेहत नासाज है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी यूसी शुक्ला ने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इन फैक्टरियों को अपनी चिमनियों को 20 फीट ऊपर करने का मौखिक निर्देश दिया गया है। हम लिखित तौर पर भी इसे भेज रहे हैं। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार के निर्देश पर नगर निगम समेत राजधानी की अन्य एजेंसियां भी प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास में लगी हैं।

विज्ञापन


128 में से 8 इकाइयों में लगी है चिमनी
तालकटोरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष यूनुस सिद्दीकी ने बताया कि तालकटोरा में कुल 128 इकाइयां हैं। इनमें से आठ इकाइयां ऐसी हैं, जिनमें चिमनी लगी है। सभी चिमनियां तय मानकों के अनुसार लगी हैं। बॉयलर की क्षमता के मुताबिक किसी की चिमनी 100 तो किसी की 130 फीट ऊंची है। कानूनन हमें चिमनी ऊंची करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


फिर भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चिमनियां ऊंची करने के लिए कहा है। इसके लिए पहले पूरी चिमनी को खोलना पड़ेगा। इसके बाद ही उसकी ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है। इस काम में 10-15 दिन लग सकते हैं। उद्योगों से प्रदूषण नहीं हो रहा है। तालकटोरा के मुकाबले लालबाग में हवा की गुणवत्ता कहीं ज्यादा खराब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लालबाग की हवा हुई खतरनाक

UP: The air of the capital is getting polluted since Diwali, chimneys of factories will be 20 feet taller
वायु प्रदूषण का खतरा (AI) - फोटो : Freepik.com
राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) यूपी के सघन बसे उद्योगों वाले शहरों-गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेनो की तरह दर्ज हो रहा है। मंगलवार को लखनऊ का औसत एक्यूआई 243 दर्ज हुआ। लालबाग की हवा की गुणवत्ता लाल श्रेणी (एक्यूआई 321) में पहुंच गई। ऐसी हवा सेहत के लिए नुकसानदायक होती है।

मंगलवार को प्रदेश के अन्य शहरों में दर्ज हुआ एक्यूआई
गाजियाबाद- 241
नोएडा- 218
ग्रेटर नोएडा-274

इस आधार पर तय होती है हवा की सेहत
पांच हानिकारक प्रदूषकों की मात्रा के आधार पर हवा की गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता सूचकांक तय होता है। ये पांच प्रदूषक हैं- कार्बन मोनो ऑक्साइड, धूल के कण, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और वायुमंडल के निचले स्तर में मौजूद ओजोन। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का जितना ज्यादा होता है, वहां की हवा हमारी सेहत के लिए उतनी ज्यादा नुकसानदायक और जहरीली मानी जाती है।

नगर निगम ने लगाईं दस मशीनें
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि जिन इलाकों में ज्यादा एक्यूआई दर्ज हो रहा है, उनमें नगर निगम की दस मशीनें प्रदूषण नियंत्रण में लगी हैं। जिनमें आठ एंटी-स्मॉग गन हैं। पानी के छिड़काव के लिए भी दो मशीनें लगाई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed