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UP : ई-वाहनों पर सब्सिडी दो साल बढ़ी...बिक्री में अचानक हुई थी 60 फीसदी गिरावट; जानें नए नियम
Sat, 18 Oct 2025 08:27 AM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Sat, 18 Oct 2025 08:27 AM IST
सार
Electric vehicle subsidy : प्रदेश में ई वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति अक्तूबर को खत्म हो गई थी। जिसके बाद अब फिर से पहले की तरह वाहनों का रेट हो गया है।
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ई वाहन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
धनतेरस पर ई वाहन खरीदने की चाह रखने वालों को उत्तर प्रदेश सरकार ने तोहफा दिया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने पर पंजीकरण और रोड टैक्स में छूट की अवधि दो साल बढ़ा दी गई है। खरीदारों को अक्तूबर 2027 तक छूट का लाभ मिलेगा। यह छूट 13 अक्तूबर 2025 को खत्म हो गई थी। साथ ही प्रदेश में ही बनने वाले वाहनों पर छूट की बाध्यता को भी खत्म किया गया है। स्ट्रांग हाइब्रिड वाहनों को सब्सिडी से बाहर कर दिया गया है।
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उच्च स्तरीय प्राधिकृत इलेक्ट्रिकल व्हीकल समिति की बैठक में इस निर्णय के बाद औद्योगिक विकास विभाग के सचिव विजय किरण आनंद ने अधिसूचना जारी कर दी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उत्तर गतिशीलता नीति-2022 में दूसरा संशोधन जारी कर दिया गया है।
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प्रदेश में ई वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति अक्तूबर को खत्म हो गई थी। इसका असर ई वाहनों की बिक्री पर पड़ा था। डीलरों के अनुसार, सब्सिडी और टैक्स छूट रुकने से कई ग्राहकों ने बुकिंग टाल दी। अब नई नीति की गतिशीलता नीति-2022 में दूसरा संशोधन जारी कर दिया गया है।
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प्रदेश में ई वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति अक्तूबर को खत्म हो गई थी। इसका असर ई वाहनों की बिक्री पर पड़ा था। डीलरों के अनुसार, सब्सिडी और टैक्स छूट रुकने से कई ग्राहकों ने बुकिंग टाल दी। अब नई नीति की लौटेगी। डीलरों का कहना है कि पिछले हफ्ते बिक्री में करीब 60 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब दो साल की राहत से उपभोक्ता फिर से खरीदारी के प्रेरित होंगे।
संशोधित नीति में यह बदलाव
पहले की नीति के तहत प्रावधान था कि तीन वर्ष तक उत्तर प्रदेश में निर्मित, क्रय व पंजीकृत किसी भी ईवी पर 100 फीसदी छूट मिलेगी। संशोधन के बाद अब यह शर्त बदली गई है कि अगले दो वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश में क्रय व पंजीकृत किसी भी ईवी पर 100% छूट मिलेगी। विनिर्मित शब्द हटा दिया गया है।
इसी तरह चौथे और पांचवें वर्ष के लिए भी यह शर्त अब सभी ईवी पर समान रूप से लागू होगी। चाहे वाहन कहीं भी बना हो। इसके अलावा एग्रीगेटर/फ्लीट ऑपरेटरों को दो, तीन, चार-पहिया वाहनों के साथ अधिकतम दस ईबस या ईगुड्स कैरियर तक की क्रय सब्सिडी लेने की अनुमति पूर्ववत बनी रहेगी।
पंजीकरण शुल्क पर 100% की मिलेगी छूट
संशोधित नीति के अनुसार अब प्रदेश में बने वाहनों को ही सब्सिडी देने की अनिवार्यता हटा दी गई है। अब किसी भी राज्य में बना इलेक्ट्रिक वाहन यदि यूपी में खरीदा और पंजीकृत होता है तो उसे पूरी छूट मिलेगी। इसके साथ ही नीति की अवधि को दो वर्ष और बढ़ा दिया गया है। पहले छूट नीति की अधिसूचना (14 अक्टूबर 2022 से) तीन वर्षों तक थी जिसे अब पांच वर्ष तक कर दिया गया है। इस अवधि में वाहन पंजीकरण पर 100 फीसदी रोड टैक्स की छूट जारी रहेगी।