यूपी ने केंद्र को बताया कि असल में दादरी में हुआ क्या था?
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दादरी मामले में यूपी सरकार ने केंद्र को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि असल में उस घटना में हुआ क्या था।
सरकार ने कहा है कि दादरी के बिसाहड़ा गांव में प्रतिबंधित पशु के वध के आरोप में एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने इकलाख के घर पर हमला कर मारपीट व तोड़फोड़ की।
इसमें अखलाक व उसका बेटा दानिश घायल हुए और इकलाख की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। इस हमले के विरोध में कुछ लोगों ने सड़क जाम कर पथराव, आगजनी व तोड़फोड़ की। दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इकलाख की पत्नी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि सरकार ने इकलाख की पत्नी को 30 लाख व उसके तीन भाइयों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। घायल दानिश का सरकारी व्यय पर इलाज कराया जा रहा है।
दादरी मामले में केंद्र को भेजी रिपोर्ट में राज्य सरकार ने इसके अलावा प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। गृह सचिव कमल सक्सेना द्वारा गृह मंत्रालय की उप सचिव रीना गुहा को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधियों द्वारा मृतक इकलाख के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी गई।
कई लोग गए थे इकलाख के घर
इकलाख के घर जाकर संवेदना व्यक्त करने वालों में से कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात, ऑल इंडिया मजलिस इत्तहादुल मुसलमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और भाजपा विधायक संगीत सोम ने बिसाहड़ा का भ्रमण किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इकलाख की पत्नी इकरामन की सूचना पर रूपेंद्र, विवेक, सचिन, हरीओम, श्रीओम, विशाल, शिवम, संदीप, सौरभ, गौरव समेत चार-पांच अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसमें रूपेंद्र, विवेक, श्रीओम, संदीप, गौरव व सौरभ को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इकलाख के घर हुए हमले और इसमें उसकी मौत होने के विरोध में जिले के जारचा थाना क्षेत्र के एनटीपीसी इलाके में कुछ लोगों द्वारा जाम, पथराव, आगजनी व तोड़फोड़ की गई। इस मामले में भी सौ से अधिक लोगों को नामजद किया गया है।
इसके अलावा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर सुरक्षा बल तैनात करे जाने, जिला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संभ्रांत व्यक्तियों के साथ बैठक कर सौहार्द बनाए रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही दोनों समुदायों के लोगों को शामिल करते हुए केंद्रीय सद्भावना समिति का गठन किया गया है।