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यूपी : प्रदेश में शवों के जल प्रवाह पर रोक, जल पुलिस को निगरानी की जिम्मेदारी
Wed, 12 May 2021 10:14 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 12 May 2021 10:14 PM IST
सार
प्रदेश में शवों के जल में प्रवाहित करने पर कोरोना काल को देखते हुए रोक लगा दी गई है। यह निर्णय प्रदेश के गाजीपुर में बड़ी संख्या में गंगा नदी में मिली लाशों को देखते हुए लिया गया है।
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नदी के किनारे बहकर आए शव या तो रेत में दफनाए गए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में शवों के जल में प्रवाहित करने पर कोरोना काल को देखते हुए रोक लगा दी गई है। यह निर्णय प्रदेश के गाजीपुर में बड़ी संख्या में गंगा नदी में मिली लाशों को देखते हुए लिया गया है।
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अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि कुछ स्थानों पर आज भी जलों में शवों को प्रवाहित करने का चलन है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए शवों को प्रवाहित करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि ससम्मान अंतिम संस्कार के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है।
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जहां तक गाजीपुर में गंगा नदी में शवों के मिलने की बात है, तो स्थानीय प्रशासन से पंचायत नामा कराकर अंतिम संस्कार कराने के लिए कहा गया है। साथ ही नदियों के किनारे बसे जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी हाल में शवों को नदी में प्रवाहित न होने दें।
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बिहार से लाशों को लाकर यूपी में नदियों में प्रवाहित करने के सवाल पर प्रशांत कुमार ने कहा कि हम किसी पर आरोप प्रत्यारोप नहीं करना चाहते। शव अगर यूपी के किसी जिले में नदी में मिले हैं तो वहां के पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पंचायतनामा भरवाकर कार्रवाई कराएं।
वहीं सूत्रों का कहना है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने जल पुलिस से रिवर पेट्रोलिंग शुरु करा दी है। इसका मकसद न सिर्फ शवों को नदी में प्रवाहित करने से रोकना है बल्कि घाटों पर लगने वाली भीड़ को भी नियंत्रित करना है। गाजीपुर और वाराणसी के अलावा कानपुर और उन्नाव जिले में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।