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UP: ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में राज्य सरकार के नियम रद्द, सिर्फ केंद्र सरकार के योग्यता नियम होंगे मान्य
Thu, 16 Apr 2026 08:17 PM IST
Akash Dwivedi
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Thu, 16 Apr 2026 08:17 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में राज्य सरकार की अतिरिक्त अनुभव शर्तें रद्द कर दीं। अब केवल केंद्र सरकार द्वारा तय योग्यताएं ही लागू होंगी। कोर्ट ने केंद्रीय कानून को सर्वोपरि माना। पहले की भर्तियां सुरक्षित रहेंगी, जबकि भविष्य की भर्ती प्रक्रिया नए नियमों के अनुसार ही होगी।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब इस पद के लिए केवल केंद्र सरकार के नियम ही लागू होंगे। राज्य सरकार की बनाई गई अतिरिक्त अनुभव की शर्तों को रद्द कर दिया गया है।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह फैसला उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दायर विशेष अपील और अभ्यर्थियों की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करके पारित किया। अदालत ने यूपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग राजपत्रित अधिकारी (औषधियां) सेवा (तृतीय संशोधन) नियम, 2015 के नियम 8 के तहत ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए निर्धारित अनुभव संबंधी अतिरिक्त शर्तों को निरस्त कर दिया है।
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खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि इस पद के लिए योग्यताएं पहले से ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और इसके तहत बने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 में निर्धारित हैं, जो केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय कानून इस क्षेत्र को पूरी तरह से कवर करता है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम यदि उससे विरोधाभासी हैं, तो वे लागू नहीं किए जा सकते।
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न्यायालय ने 'डॉक्ट्रिन ऑफ ऑक्यूपाइड फील्ड' (अधिकार क्षेत्र का सिद्धांत) का हवाला देते हुए बताया कि इस विषय पर नियम बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। हालांकि, न्यायालय ने पूर्व में की गई भर्तियों को रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने तर्क दिया कि चयनित अभ्यर्थी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल योग्यताएं रखते हैं और कई वर्षों से सेवा में हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें हटाना उचित नहीं होगा।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों में केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित योग्यताओं का ही पालन किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन याचिकाकर्ताओं को पहले भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं मिला था, उन्हें 2025 की चल रही चयन प्रक्रिया में आवेदन करने का मौका दिया जाएगा।