यूपी: श्रद्धा दुबे की 'नवाबी' का वीडियो आया सामने, कार में आगे बैठना चाहती थी, पुलिस ने पीछे बैठाया
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे पुलिस से बचने के लिए बुर्का पहनती और टैक्सी से सफर करती थी। एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक, वह एक जगह ज्यादा देर नहीं रुकती थी। श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को नागपुर से पकड़ा गया। मामले की जांच जारी है।
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लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि श्रद्धा पुलिस से बचने के लिए बुर्के में रहती थी, टैक्सी का इस्तेमाल करती थी और किसी एक जगह पर ज्यादा देर तक नहीं रुकती थी। गिरफ्तारी के बाद वह गाड़ी में पीछे बैठने से भी मना कर रही थी।
वहीं, मॉडल श्रद्धा दुबे का एक वीडियो सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद गाड़ी में बैठने को लेकर उसका रवैया चर्चा में है। बताया जा रहा है कि श्रद्धा गाड़ी में आगे की सीट पर बैठना चाहती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पीछे बैठाया।
श्रद्धा दुबे को मंगलवार को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार किया। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को भी हिरासत में लिया गया। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। शिवा शर्मा की मौत के मामले में तीनों 11 दिन से फरार चल रहे थे।
बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी
पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को हजरतगंज थाने में रंजना शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही श्रद्धा, रश्मि और दानिश की तलाश की जा रही थी। दावा है कि फरारी के दौरान श्रद्धा लखनऊ से सीतापुर होते हुए बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी। 18 अक्टूबर को उसके वापस उत्तर प्रदेश लौटने की बात सामने आई थी।
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर लखनऊ की अदालत में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, श्रद्धा ने एक इंटरव्यू में शिवा की हत्या करने से इनकार किया था। उसका दावा था कि शिवा उसकी आंखों के सामने बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदा था। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस महकमे पर गिरी थी गाज
मामला तूल पकड़ने और मुख्य आरोपी के लगातार पकड़ से बाहर रहने के कारण शासन ने सख्त कदम उठाते हुए पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल किए। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया, डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को उनके पद से हटा दिया गया और एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी ट्रांसफर कर दिया गया।