यूपी: विरोध के बावजूद वसीम रिजवी चुने गए शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य
मतदान के बाद इंदिरा भवन में वोटों की गिनती की गई जिसके बाद सैयद फैजी व वसीम रिजवी को विजेता घोषित किया गया। दोनों को 21-21 वोट मिले।
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यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मंगलवार को हुए मुतवल्ली कोटे की दो सीटों के चुनाव में बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी फिर से सदस्य चुन लिए गए हैं। दूसरी सीट पर भाजपा के सैयद फैजी विजयी रहे। दोनों को 21-21 वोट मिले हैं।
इंदिराभवन स्थित बोर्ड कार्यालय में हुए मतदान में मौलाना कल्बे जवाद सहित 36 मतदाता मुतवल्लियों में से 29 ने वोट डाला। सुबह करीब 10 बजे वसीम रिजवी के मतदान स्थल तक अपने गनर के साथ पहुंचने पर हंगामा हो गया।
प्रत्याशी अशफाक जिया ने इस पर आपत्ति जताई तो वसीम से काफी देर तक नोकझोंक हुई। दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि इससे मतदान काफी देर तक बाधित रहा। अशफाक की शिकायत पर पहुंचे एसीपी हजरतगंज ने मौके से वसीम के गनर को वहां से हटाया तब जाकर मामला शांत हुआ।
चुनाव में 6 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान के बाद हुई वोटों की गिनती में वसीम रिजवी को 21, सैयद फैजी को 21, आसिम को 1, अशफाक को 6, मुजाहिद हुसैन को शून्य तथा मुशर्रफ को 5 वोट मिले। बता दें, मौलाना कल्बे जवाद ने मुतवल्लियों से वसीम रिजवी को वोट न करने की अपील की थी।
बोर्ड के सदस्य चुनेंगे चैयरमैन
शिया वक्फ बोर्ड के 11 सदस्य अब अपने बीच से ही चैयरमैन को चुनेंगे। सांसद कोटे के दो सदस्यों के पदों के लिए सिर्फ पूर्व सांसद नूर बानो ने नामांकन किया है। ऐसे में नूर बानो का सदस्य बनना तय है। वहीं, विधान मंडल कोटे से दो सदस्य पद के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं किया है। शिया समुदाय के विधानपरिषद में मात्र दो सदस्य राज्यमंत्री मोहसिन रजा और बुक्कल नवाब है।
मोहसिन मंत्री हैं लिहाजा वे बोर्ड के सदस्य नहीं बन सकते। ऐसे में सरकार बुक्कल नवाब को नामित कर सकती है। बार काउंसिल में भी शिया समुदाय से कोई सदस्य नहीं है। इस कोटे में दो पदों पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नामित किया जाएगा।
राज्य सरकार शिया समुदाय के एक मौलाना, एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक पीसीएस रैंक के शिया मुस्लिम अधिकारी को नामित करेगी। ये सदस्य अपने बीच से चैयरमैन का चुनाव करेंगे।