दहेज के लिए रोज छह बेटियां मार रहा यूपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- 7,303 मामले दर्ज किए जो कुल मामलों का 10.32 प्रतिशत है
- देश में 70,739 मामले दर्ज हुए दुराचार के प्रयास के
- तीसरे सर्वाधिक मामले यूपी में आए
- मध्यप्रदेश (8,252) और महाराष्ट्र (8132) रहे आगे
लखनऊ 11वां
- 261 मामले दर्ज हुए
- 2.19 प्रतिशत है यह प्रमुख शहरों के मामलों का
- 11वें स्थान पर रहा लखनऊ इन 88 शहरों में
- कुल 11,913 मामले दर्ज हुए दुराचार के प्रयास के इन शहरों में
- दिल्ली (3,069), मुंबई (1163) और कोलकाता (707) तीन प्रमुख शहर रहे।
10.51 फीसदी अपराध अकेले यूपी में
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों ने सूबे में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में यूपी देशभर में दूसरे नंबर पर है। शर्मसार करने वाला यह सच एनसीआरबी के मंगलवार को जारी आंकड़ों में सामने आया है।
हालात यह है कि पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में से 10.51 फीसदी अपराध अकेले यूपी में होते हैं।
इस मामले में हम केवल आंध्र प्रदेश से पीछे हैं। महिला मुख्यमंत्री वाले प्रदेश पश्चिम बंगाल इस मामले में तीसरे नंबर पर है।
ज्यादा मामले भाजपा शासित राज्यों में
दुष्कर्म के हाल में उजागर हुए मामलों से दुनियाभर में शर्मिंदगी झेलने वाली यूपी सरकार को ये आंकड़े कुछ राहत देंगे कि बलात्कार के सबसे ज्यादा मामले भाजपा शासित राज्यों के हैं।
इनमें मध्यप्रदेश पहले और राजस्थान दूसरे स्थान पर है। मप्र में दुष्कर्म के 4335 मामले सामने आए तो राजस्थान में 3285 केस। महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है तो उत्तर प्रदेश चौथे पर।
सबसे ज्यादा दहेज हत्याएं यूपी में
देश में दहेज के लिए सबसे ज्यादा बेटियां यूपी में मारी जाती हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि सूबे में वर्ष 2013 में दहेज के लिए 2335 विवाहिताओं की हत्या की गई।
यानी हर रोज छह बेटियों को महज इसलिए मार दिया जा रहा है क्योंकि उसके घरवाले दहेज की मुंहमांगी रकम नहीं जुटा पा रहे।
ये आंकड़े तब हैं जब प्रदेश में शासन कर रही सपा ने आम चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में दहेज से जुड़े कानूनों में संशोधन की बात कही थी।
दुराचार के मामले में लखनऊ 25वें नंबर पर
दुराचार में उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर रहा। साल 2013 में यहां 3,050 दुराचार हुए। हालांकि मध्यप्रदेश (4335), राजस्थान (3285), महाराष्ट्र (3063) जैसे राज्य उत्तर प्रदेश से आगे रहे। दुराचार के मामले में लखनऊ 25वें नंबर पर रहा।
दिल्ली (1441), मुंबई (391) और जयपुर (192) वे तीन शहर बने जहां सर्वाधिक दुराचार दर्ज हुए। 4,900 लड़कियों-महिलाओं से देश के 88 प्रमुख शहरों में दुराचार किया गया।
अपहरण: सबसे ज्यादा हुए उत्तर प्रदेश में
- 9,737 अपहरण हुए उत्तर प्रदेश में
- 18.77 प्रतिशत है यह देश में कुल महिलाओं-लड़कियों के अपहरणों का।
- प्रदेश में सबसे अधिक अपहरण हुए। उसके बाद बिहार रहा जहां 4,419 अपहरण हुए यानी उत्तर प्रदेश से आधे से भी कम।
- 51,881 अपहरण कुल हुए देश में
- मुंबई से ज्यादा अपहरण लखनऊ में
- 270 अपहरण लखनऊ में किए गए
- 3.07 प्रतिशत रहा यह प्रमुख शहरों का
दहेज हत्याएं: उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा
- 2,335 महिलाओं और लड़कियों की दहेज के लिए प्रदेश में हत्या कर दी गई।
- 28.89 प्रतिशत रहा यह देश भर का।
- दहेज हत्याओं में प्रदेश को कलंक लगा और यहां सर्वाधिक दहेज हत्याएं हुईं।
- 8,083 दहेज हत्याएं देश में कुल दर्ज की गईं।
लखनऊ पांचवां
- 39 विवाहिताएं दहेज की बलि चढ़ीं लखनऊ में
- 4.92 प्रतिशत रहा यह प्रमुख शहरों में हुई घटनाओं का
- दिल्ली (125), पटना (61), बेंगलुरु (52) और आगरा (48) के बाद लखनऊ और हैदराबाद समान हत्याओं के साथ पांचवें शर्मनाक स्थान पर रहे।
- 793 मामले कुल दर्ज हुए प्रमुख शहरों में
घरेलू हिंसा: चौथे नंबर पर रहा यूपी
- 8,781 मामले दर्ज किए गए पति या ससुरालवालों द्वारा महिला से हिंसा के।
- 7.39 प्रतिशत रहे ये मामले देश भर के मामलों में
- पश्चिम बंगाल (18,116), आंध्र प्रदेश (15084) और राजस्थान (15,094) के बाद उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर रहा।
- 1,18,866 मामले कुल दर्ज हुए देश में लखनऊ सातवें पर
- 802 महिलाओं ने घरेलू हिंसा के मामले दर्ज करवाए
- 3.86 रहा यह प्रमुख शहरों में दर्ज मामलों का
7वें स्थान पर रहा लखनऊ इन शहरों में
- 20,795 मामले कुल दर्ज हुए इन शहरों में
- दिल्ली (2,879), अहमदाबाद (1756), हैदराबाद (1480), जयपुर (1110), कोलकाता (1005) और विजयवाड़ा (1227) के बाद लखनऊ सातवें स्थान पर रहा।