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थम जाएगी यूपी रोडवेज: 10,500 बसों का चक्का जाम करेंगे रोडवेजकर्मी, घोषित हुई आंदोलन की तारीख
Tue, 24 Oct 2023 09:45 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 24 Oct 2023 09:45 AM IST
सार
कर्मचारी संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों पर रोडवेज अधिकारियों ने आठ नवंबर से पहले निर्णय नहीं लिया तो चक्का जाम तय माना जा रहा है। जिससे पूरे प्रदेश में 10,500 बसों के पहिए थम जाएंगे।
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यूपी रोडवेज की बसें जाएंगी रुक
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
लगभग 50 हजार रोडवेजकर्मियों के हितों की अनदेखी से उनमें नाराजगी बढ़ रही है। उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ द्वारा मांगों को उठाए जाने के बावजूद कार्रवाई भी नहीं हो रही। ऐसे में कर्मचारी संघ आठ नवंबर से बसों का चक्का जाम करने की तैयारी में है। इसके लिए नोटिस दिया जा चुका है। दो नवंबर को संविदाकर्मियों की सेवा नियमावली नहीं बनाए जाने के मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर जनजागरण अभियान भी चलेगा।
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उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि रोडवेज में तैनात लगभग 50 हजार कर्मियों का शोषण हो रहा है। जिसके खिलाफ 14 सूत्री मांगों को लेकर बसों का चक्का जाम करने की नोटिस दी गई है। मीडिया प्रभारी रजनीश मिश्र ने बताया कि उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के रवैये के कारण कर्मचारियों के शोषण, अन्याय, अत्याचार हो रहा है, रोडवेज का निजीकरण किया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों के 10 फीसदी डीए का भुगतान नहीं करने जैसे कई मुद्दे उठाए गए हैं। बताया कि आठ नवंबर को परिवहन निगम मुख्यालय पर आंदोलन की शुरूआत होगी।
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कर्मचारी संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों पर रोडवेज अधिकारियों ने आठ नवंबर से पहले निर्णय नहीं लिया तो चक्का जाम तय माना जा रहा है। जिससे पूरे प्रदेश में 10,500 बसों के पहिए थम जाएंगे। इसमें लखनऊ परिक्षेत्र से चलने वाली हजार बसें भी शामिल हैं। इससे करीब 15 लाख यात्रियों को असुविधाओं का सामना भी करना पड़ेगा।
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इन मांगों पर अड़े हैं रोडवेजकर्मी
रोडवेजकर्मियों को 42 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाए, संविदाकर्मियों को नियमित भर्ती में समायोजित करें, नियमितकर्मियों के शैक्षिक योग्यता पर प्रोन्नति हो, कार्यालय अधीक्षक को एआरएम बनाया जाए, मृतक आश्रितों की भर्ती हो, 42 फीसदी डीजल की कीमत बढ़ने पर किराया बढ़े, रोडवेज बस और निजी बस के टैक्स बराबर हो, दीपावली पर डीए और संविदाकर्मी को 15 हजार समेत कई मांगे उठाई गई हैं।