{"_id":"6103908c5938a06b46708c7b","slug":"up-regulatory-commission-said-install-meters-with-farmers-but-recovery-will-be-in-unmetered-category","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : नियामक आयोग ने कहा, किसानों के यहां मीटर लगाएं, लेकिन वसूली अनमीटर्ड श्रेणी में होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : नियामक आयोग ने कहा, किसानों के यहां मीटर लगाएं, लेकिन वसूली अनमीटर्ड श्रेणी में होगी
Fri, 30 Jul 2021 11:09 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 30 Jul 2021 11:09 AM IST
सार
नियामक आयोग ने टैरिफ आर्डर में साफ किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के निजी नलकूपों पर भले ही मीटर लगवा दिए जाएं, लेकिन उनसे वसूली अनमीटर्ड श्रेणी की दर 170 रुपये प्रति हार्सपावर प्रतिमाह पर ही की जाएगी।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विद्युत नियामक आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी टैरिफ ऑर्डर में साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर पर आने वाला कोई भी खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। पूर्व में अनुमोदित किए गए स्मार्ट मीटर रोल आउट प्लान में यह स्पष्ट था कि इसके लिए राशि की व्यवस्था बिलिंग और राजस्व वसूली क्षमता बढ़ाकर यानी वाणिज्यिक हानियों की कमी से होने वाले लाभ के जरिये की जाएगी।
विज्ञापन
वहीं नियामक आयोग ने टैरिफ आर्डर में साफ किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के निजी नलकूपों पर भले ही मीटर लगवा दिए जाएं, लेकिन उनसे वसूली अनमीटर्ड श्रेणी की दर 170 रुपये प्रति हार्सपावर प्रतिमाह पर ही की जाएगी।
विज्ञापन
71,964 करोड़ एआरआर अनुमोदित
आयोग ने 2021-22 के लिए बिजली कंपनियों की तरफ से दाखिल 81,901.24 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) की जगह 71,963.91 करोड़ रुपये ही अनुमोदित किया है। कंपनियों ने 16.64 प्रतिशत वितरण लाइन हानियों के आधार पर एआरआर प्रस्ताव दाखिल किया था, जिसे आयोग ने कम करते हुए मात्र 11.08 प्रतिशत ही अनुमोदित किया है। इससे बिजली कंपनियों पर 2021-22 में फिर उपभोक्ताओं की लगभग 1059 करोड़ रुपये की देनदारी निकल रही है।
विज्ञापन
आयोग ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि बिलिंग व राजस्व वसूली में अक्षमता से होने वाले घाटे को एआरआर में अनुमोदित नहीं किया गया है। इससे ईमानदार उपभोक्ता हतोत्साहित होते हैं और बकायेदारों को बिल जमा न करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
टैरिफ आर्डर के सार्वजनिक प्रकाशन की औपचारिकता बाकी
आयोग द्वारा घोषित बिजली दरें अगस्त के दूसरे सप्ताह से प्रभावी हो सकती हैं। अब सिर्फ टैरिफ आर्डर के सार्वजनिक प्रकाशन की कानूनी औपचारिकता भर पूरी की जानी है। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार टैरिफ आर्डर जारी होने के तीन दिन के भीतर इसका सार्वजनिक प्रकाशन कराया जाना चाहिए और प्रकाशन की तिथि के सात दिन बाद दरें स्वत: प्रभावी हो जाती हैं।
सरकार सस्ती और निर्बाध बिजली के लिए संकल्पित
राज्य सरकार का दावा है कि 1.40 करोड़ नए उपभोक्ताओं के जुड़ने से बिजली की मांग में काफी इजाफा हुआ है। इसके बावजूद सरकार ने तीन साल से बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की। अलबत्ता 20 साल से चले आ रहे रेगुलेटरी सरचार्ज को मौजूदा सरकार ने ही समाप्त किया। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्बाध बिजली देने के लिए सरकार संकल्पित है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को 2021-22 का टैरिफ आर्डर जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता ने दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से गांवों में 54 प्रतिशत ज्यादा बिजली की आपूर्ति की जा रही है। सभी जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील को 20 व गांवों को 18 घंटे की आपूर्ति की जा रही है।