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UP News: दूध उत्पादन में तो यूपी नंबर एक, पीने में फिसड्डी; पुरुषों की अपेक्षा कम दूध पीती हैं महिलाएं

Sun, 19 Apr 2026 10:25 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 19 Apr 2026 10:25 AM IST
सार

दूध उत्पादन में तो यूपी नंबर एक है, लेकिन, पीने में फिसड्डी है। पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं कम दूध पीती हैं। हर व्यक्ति को भरपूर दूध उपलब्ध कराने के लिए नई रणनीति बन रही है। वहीं, आशाएं और एएनएम गांव की महिलाओं को दूध पीने के फायदे बताएंगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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UP Ranks First in Milk Production Lags Behind in Consumption Women Consume Less Milk Than Men
दूध निकालता किसान।

विस्तार

उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश में नंबर एक है, जबकि पीने के मामले में आठवें स्थान पर। इसमें महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है। इसका सीधा असर पोषण पर पड़ता है। अब पशुपालन एवं दुग्धशाला विभाग दूध उत्पादन प्रति व्यक्ति 500 ग्राम से अधिक करने की तैयारी में हैं। आशा और एएनएम गांवों में महिलाओं को दूध पीने का फायदा बताएंगी। ताकि कुपोषण को खत्म किया जा सके।
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दूध को संपूर्ण और पौष्टिक आहार माना गया है। दूनियाभर में दूध उत्पादन के मामले में भारत का योगदान करीब 24 फीसदी है। वर्ष 2024-25 में देश में कुल दूध उत्पादन लगभग 247.87 मिलियन टन रहा। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है। 
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लक्ष्य को पाने का संकल्प लिया गया

उत्पादन में 15.66 फीसदी हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, लेकिन दूध पीने के मामले में आठवें स्थान पर है। यहां प्रति व्यक्ति प्रति दिन दूध उपलब्धता 460 ग्राम है। ऐसे में पशुपालन एवं दुग्धशाला विकास विभाग इस वर्ष प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाकर 500 से 600 ग्राम तक ले जाने की तैयारी में है। शुक्रवार और शनिवार को विभाग की ओर से लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में इस लक्ष्य को पाने का संकल्प लिया गया है।
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देश में दूध उत्पादन के मामले में राज्यों की स्थिति

  • उत्तर प्रदेश- 15.66%
  • राजस्थान- 14.82%
  • मध्य प्रदेश- 9.12%
  • गुजरात- 7.78%
  • महाराष्ट्र- 6.71%
  • पंजाब- 6.00%
  • आंध्र प्रदेश- 5.63%
  • कर्नाटक- 5.61%
  • बिहार- 5.08%
(बेसिक एनिमल हसबैंड्री स्टैटिस्टिक्स 2025 की रिपोर्ट)

राज्यवार प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता (ग्राम/दिन)

  • पंजाब- 1,318 ग्राम
  • राजस्थान- 1,229 ग्राम
  • हरियाणा- 1,128 ग्राम
  • गुजरात- 730 ग्राम
  • आंध्र प्रदेश- 716 ग्राम
  • हिमाचल प्रदेश- 690 ग्राम
  • मध्य प्रदेश- 644 ग्राम
  • उत्तर प्रदेश- 465 ग्राम
  • उत्तराखंड- 455 ग्राम
  • कर्नाटक- 375 ग्राम
(बेसिक एनिमल हसबैंड्री स्टैटिस्टिक्स 2025 की रिपोर्ट)

आगे की रणनीति

दुग्धशाला विकास विभाग की ओर से ग्रामीण इलाके में छोटी- छोटी डेयरी का विकास किया जा रहा है। नंद बाबा दुग्ध मिशन और महिला डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। हर व्यक्ति को गाय पालने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। 

अच्छी बात यह है कि उत्तर प्रदेश में लगातार दूध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। वर्ष 2016-17 में जहां प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वह अब 388 लाख मीट्रिक टन को पार कर गया है। बुंदेलखंड में प्रति पशु औसत दूध उत्पादन (लगभग 2.9 किलो प्रति दिन है। इसे चार से पांच किलो प्रतिदिन करने की तैयारी है।

दूध पीने के मामले में महिलाएं पीछे

नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दूध पीने के मामले में पुरुषों से महिलाएं काफी पीछे हैं। नियमित रूप से दूध का सेवन करने वाले पुरुषों और महिलाओं का अनुपात लगभग 1.4 : 1 के आसपास है। राज्य में लगभग 55-58% पुरुष नियमित दूध का सेवन करते हैं, जबकि महिलाएं 42-45% ही दूध पीती हैं। इसकी वजह बच्चों और पुरुषों को ज्यादा तवज्जो देना है। 

ग्रामीण इलाके में घर में दूध होने के बाद भी महिलाएं खुद पीने के बजाय बचाकर अपने बच्चों के लिए रख देती हैं। महिलाओं के एनीमिक और कुपोषित होने की बड़ी वजह भी इसे माना गया है। क्योकि प्रदेश में 50% से अधिक महिलाएं एनीमिक (रक्त की कमी) हैं। कैल्शियम की कमी के कारण ऑस्टियोपोरोसिस के मामले पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 3 गुना अधिक हैं।
 

आशा और एएनएम और समूह भी कर रहे प्रेरित

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुपोषण से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांवों में आशा, एएनएम और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ग्रामीण महिलाओं को जागरुक करें। उन्हें कैल्शियम और प्रोटीन आदि का महत्व बताएं। हर दिन कम से कम एक गिलास दूध पीने के लिए प्रेरित करें।

प्रदेश के अलग- अलग हिस्से का योगदान

राज्य में कुल उत्पादन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का योगदान 50 फीसदी तक है।  
  • बुलंदशहर 5.0 फीसदी के साथ पहले स्थान पर है।
  • पूर्वांचल में उत्पादन करीब 32 फीसदी।
  • मध्य उत्तर प्रदेश करीब 14 फीसदी।
  • बुंदेलखंड में उत्पादन 5 फीसदी से 7 फीसदी।
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि दूध अमृत के समान है। इससे कुपोषण को खत्म किया जा सकता है। प्रदेश में 10 साल के अंदर उत्पादन में करीब 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। आबादी के हिसाब से उत्पादन लगातार बढा़या जा रहा है। जल्द ही हम दूध सेवन के मामले में भी पहले स्थान पर होंगे।

क्या कहती हैं विशेषज्ञ

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुंदरिका यादव ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए दूध जरूरी है। हर महिला को हर दिन कम से कम 250 से 300 मिलीलीटर दूध का सेवन करना चाहिए। इससे हड्डियां व दांत मजबूत होते हैं। मांसपेशियों का विकास होता है। नींद अच्छी आती है। पाचन और इम्युनिटी दुरुस्त रहती है। जो महिलाएं नियमित सेवन करती हैं, उन्हें गर्भावस्था और प्रसव के दौरान भी राहत रहती है।
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