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यूपी पुलिस ने ही कर डाले 14 महीनों में 23 बलात्कार

Wed, 19 Aug 2015 11:22 AM IST
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:22 AM IST
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up police also involved in rape case

यूपी की सरकार ने माना कि यूपी की पुलिस खुद भी बलात्कार के मामलों में शामिल रही है। सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में माना कि चौदह महीने में थानों व अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा 23 बलात्कार किए जाने के मामले दर्ज हुए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी के एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

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श्यामदेव राय चौधरी ने जानना चाहा था कि 2014 से फरवरी 2015 तक थानों एवं अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा बलात्कार की कितनी घटनाएं हुईं। जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2014 से 28 फरवरी 2015 तक थानों और अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा बलात्कार के 23 मामले दर्ज हुए हैं।
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इन मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों में कुल 29 अभियुक्त नामजद हुए जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया। दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया जबकि 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के बाद उनकी नामजदगी गलत पाई गई। शेष के खिलाफ जांच चल रही है।
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दर्ज किए गए 23 मामलों में से 15 में जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सात मामलों में जांच में सुबूत उपलब्ध न होने के कारण अंतिम रिपोर्ट लगाकर जांच समाप्त कर दी गई। एक मामला विचाराधीन है।

पुलिस सेवा नियमावली के तहत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की गई है। इनमें अलीगढ़ के दो सिपाहियों को बर्खास्त किया जा चुका है। बुलंदशहर के एक सब इंस्पेक्टर को पद से हटाया जा चुका है।

तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही चल रही है तथा दो पुलिसकर्मियों को परिनिंदा प्रविष्टि दी गई है।

बलात्कार के साथ सामने आई सड़क हादसों की हकीकत

up police also involved in rape case

बलात्कार में पुलिस वालों की भूमिका के साथ यूपी में पिछले दो महीनों में सड़क हादसों में कितने लोगों की मौत हुई यह भी सामने आया।  प्रदेश में 1 जनवरी 2015 से फरवरी 2015 तक कुल 4616 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिसमें 2510 लोगों की मृत्यु हुई जबकि 3130 घायल हुए।

सभी दुर्घटनाओं की एफआईआर दर्ज हुई है। यह जानकारी विधानसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा के सुनील कुमार यादव के एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

मुख्यमंत्री ने बताया, सड़क हादसे रोकने के लिए विभिन्न जिलों में दुर्घटना बहुल स्थलों पर सड़क सुधार के लिए राशि उपलब्ध कराई गई है। गैरकानूनी ढंग से चल रहे वाहनों की रोकथाम के लिए नियमित चेकिंग व चालान के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

यातायात नियमों का पालन कराने के दिशा-निर्देश जारी करने के साथ-साथ सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से पेश किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं का स्तर किस तेजी के साथ बढ़ा है।

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