{"_id":"67e381dd063d82d3a80ff830","slug":"up-nikant-ordered-to-be-sent-to-jail-till-april-7-arrested-in-corruption-case-sections-increased-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: निकांत को सात अप्रैल तक जेल भेजने का आदेश, भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी; धाराएं बढ़ाई गईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: निकांत को सात अप्रैल तक जेल भेजने का आदेश, भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी; धाराएं बढ़ाई गईं
Wed, 26 Mar 2025 09:56 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 26 Mar 2025 09:56 AM IST
सार
Nikant Jain arrested: आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार करने के मामले में गिरफ्तार किए गए निकांत जैन को सात अप्रैल तक जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
गिरफ्तार निकांत जैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार करने के मामले में गिरफ्तार किए गए निकांत जैन के खिलाफ पुलिस ने धाराओं की बढ़ोत्तरी की है। वहीं, कोर्ट ने आरोपी के लोक सेवक न होने के कारण दो धाराएं घटा दीं। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने आरोपी को सात अप्रैल तक जेल भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने अपने आदेश में विवेचक को निर्देश दिया कि वह रिपोर्ट में दर्ज इन्वेस्ट यूपी के उस वरिष्ठ अधिकारी के बिंदु को स्पष्ट करें जिसने निकांत जैन का नंबर देकर उससे मिलने के लिए कहा था। कोर्ट ने आगे कहा कि विवेचक संलिप्त लोकसेवक के नाम और मामले में रकम दिलाए जाने या रकम लेने का प्रयास के संबंध में आवश्यक सबूत इकट्ठा करें और पैसे दिए जाने के बिंदू पर वादी का स्पष्ट बयान दर्ज करके कानून के अनुसार कार्यवाही करें।
विज्ञापन
इसके पहले विवेचक ने निकांत जैन की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ाए जाने की मांग वाली अर्जी के साथ आरोपी के ऊपर भ्रष्टाचार की धारा बढ़ाए जाने की अर्जी दी। इसपर आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी लोकसेवक नहीं है, लिहाजा उसके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 और 13 का आरोप नहीं बन सकता। वहीं, अभी तक किसी लोकसेवक का नाम भी विवेचक ने विवेचना में शामिल नहीं किया है। कहा गया कि आरोपी के खिलाफ कोई आरोप नहीं बनता, लिहाजा आरोपी का रिमांड स्वीकार न किया जाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ पीसी एक्ट की धारा सात और 13 में रिमांड बनाने से इनकार करते हुए अन्य धाराओं में रिमांड बनाते हुए सात अप्रैल तक जेल भेज दिया।
विज्ञापन