UP News : ‘गन्ना विभाग, किसान के द्वार’ अभियान शुरू, गन्ना सर्वे एवं सट्टा के आंकड़ों का होगा प्रदर्शन
ग्राम स्तरीय सर्वे-सट्टा प्रदर्शन शुरू किया गया है जो 30 अगस्त तक चलेगा। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि इस अभियान के तहत गन्ना विकास विभाग के कर्मचारी गन्ना किसानों को उनके गन्ना सर्वे एवं सट्टे से संबंधित कुल 63 बिंदु दिखाकर उनसे सहमति प्राप्त करेंगे।
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पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना सर्वेक्षण का काम पूरा होने के बाद गन्ना विभाग ने ‘गन्ना विभाग, किसान के द्वार’ अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत ग्राम स्तरीय सर्वे-सट्टा प्रदर्शन शुरू किया गया है जो 30 अगस्त तक चलेगा। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि इस अभियान के तहत गन्ना विकास विभाग के कर्मचारी गन्ना किसानों को उनके गन्ना सर्वे एवं सट्टे से संबंधित कुल 63 बिंदु दिखाकर उनसे सहमति प्राप्त करेंगे। यदि किसी किसान की किसी बिंदु पर आपत्ति है तो उसका निस्तारण किया जाएगा। किसानइस पर ध्यान अवश्य दें और अपनी कृषि योग्य भूमि, गन्ना प्रजाति, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, बेसिक कोटा एवं बेसिक सट्टा का अवलोकन अवश्य कर लें। यदि कोई त्रुटि है तो गन्ना पर्यवेक्षक को संबंधित अभिलेख देकर लिखित प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मौके पर ही संशोधन करा लें। गन्ना आयुक्त ने बताया कि पहली बार गाटा संख्यावार कृषि योग्य भूमि एवं गन्ना क्षेत्रफल को प्रदर्शन में दर्शाया गया है, जिससे किसान द्वारा घोषणा पत्र में किये गये उल्लेख का राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जा सकेगा एवं फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
पोर्टल पर भी है सुविधा
गन्ना आयुक्त के मुताबिक ऐसे गन्ना किसान जो सर्वे सट्टा प्रदर्शन के दौरान मौके पर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं या प्रदेश के बाहर कहीं अपनी सेवाएं दे रहे हैं उनके लिए 63 कॉलम का डाटा पोटर्ल पर भी उपलब्ध करा दिया गया है। किसान इसे देखकर अपनी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसका निस्तारण भी ऑनलाइन ही करा दिया जाएगा। सर्वे-सट्टा प्रदर्शन की अवधि की अंतिम तिथि 30 अगस्त के बाद संशोधन पर प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पिछले साल हुई वसूली, इस बार केंद्र स्थापित
गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना किसानों द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर यह तथ्य सामने आए हैं कि पिछले पेराई सत्र में स्थानीय साइबर कैफे संचालकों एवं जनसेवा केंद्रों द्वारा ऑनलाइन घोषणा-पत्र एवं समिति सदस्यता भरवाने के नाम पर भोले-भाले गन्ना किसानों से अधिक शुल्क की वसूली की गई है। इसे संज्ञान में रखकर विभाग एवं चीनी मिलों के गन्ना कार्यालयों जैसे उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव एवं चीनी मिल के गन्ना प्रबंधन कार्यालयों पर कृषक सहायता केन्द्र की स्थापना की गई है। यहां गन्ना समितियों की ऑनलाइन सदस्यता लेने एवं घोषणा-पत्र भरने के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा किसानों को नि:शुल्क सहायता दी जाएगी। साथ ही ऐसे गन्ना किसान जो अंश प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान अपने अंश प्रमाण-पत्र नहीं ले पाए हैं, वे सर्वे सट्टा प्रदर्शन के दौरान अंश प्रमाण-पत्रों को भी प्राप्त कर सकते हैं।