फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP News: SP stages walkout from Legislative Council over declining education standards

UP News: शिक्षा के गिरते स्तर पर सपा का विधान परिषद से वॉकआउट, शिक्षा मंत्री ने आरोपों को नकारा

Tue, 04 Aug 2026 10:42 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 04 Aug 2026 10:42 PM IST
सार

शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि विपक्ष सदन के भीतर तथ्यहीन बातें कह रहा है। एक भी स्कूल बंद नहीं हुआ, पता नहीं सपा सदस्य कहां से डाटा लेकर आते हैं। उन्होंने आरोपों को नकार दिया।

विज्ञापन
UP News: SP stages walkout from Legislative Council over declining education standards
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

विधान परिषद में मंगलवार को सपा के सदस्यों ने शिक्षा जगत की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। स्कूलों के विलय के साथ-साथ एडेड विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मियों, शिक्षामित्रों और मदरसा शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा में शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा रखा। वहीं, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 9 साल में विद्यालयों में सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

विज्ञापन


सपा की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये किरणपाल कश्यप ने यह मुद्दा उठाया। डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि सरकार आम लोगों से शिक्षा के अधिकार को छीनना चाहती है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। आशुतोष सिन्हा ने कहा कि स्कूलों को बंद किए जाने से पीडीए समाज के बच्चों का नामांकन कम हुआ है। लाल बिहारी यादव ने कहा कि 2017 में 1.17 करोड़ बच्चे पंजीकृत थे, जो अब घटकर 89.59 लाख रह गए हैं। जवाब में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि विपक्ष सदन के भीतर तथ्यहीन बातें कह रहा है। एक भी स्कूल बंद नहीं हुआ, पता नहीं सपा सदस्य कहां से डाटा लेकर आते हैं। इस पर सपा सदस्य भड़क गए और नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, आज 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 42 जिलों के लिए चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा, 100 करोड़ का प्रावधान किया


शिक्षा मंत्री ने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत अब कक्षा-5 तक के बच्चों को शामिल किया गया है। रही बात शिक्षकों को जनगणना या चुनाव में ड्यूटी में लगाने की, तो ऐसा जब विपक्षी पार्टियां सत्ता में थीं, तब भी होता था। जब सपा सत्ता में थी तो न तो बच्चों को किताबें समय पर मिलती थीं और न ही यूनिफॉर्म।

19 मानकों पर प्रगति 96 प्रतिशत
मंत्री सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 में 25578 विद्यालय जो एक ही परिसर में संचालित थे उनके प्रशासनिक एकीकरण का निर्णय लिया गया था। सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों की आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किया। विद्यालयों में निर्धारित 19 मानकों पर वर्ष 2017 में प्रगति करीब 36 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है। स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। शिक्षकों से जुड़े कार्यों को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए मानव संपदा पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।

तदर्थ शिक्षकों व प्रधानाचार्यों के नियमितीकरण पर निर्णय ले सरकार

प्रदेश सरकार अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों व प्रधानाचार्यों के विनियमितीकरण पर इसी माह में सकारात्मक निर्णय लेगी। विधान परिषद में सभापति के निर्देश के बाद सरकार ने सदन को यह आश्वासन दिया है।

शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शून्यकाल में यह औचित्य का सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि सरकार माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत विनियमितीकरण के आदेश जारी करती रही है। 

प्रधानाचार्य बनने के लिए शिक्षण अनुभव अनिवार्य है। माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम चार वर्ष का अनुभव आवश्यक होता है। वर्तमान में एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 80 फीसदी से अधिक प्रधानाचार्य तदर्थ रूप से कार्यरत हैं। यह प्रकरण बीते फरवरी में भी सदन में उठाया गया था। उस समय भी पीठ से स्पष्ट व्यवस्था दी गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं किया जा सका है।

भाजपा सदस्य उमेश द्विवेदी, मानवेंद्र सिंह और हरी सिंह ढिल्लो ने भी इस प्रश्न का समर्थन किया। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य को निर्देश दिए। उन्होंने नेता सदन से कहा कि वे इसी महीने में बैठक करें। सभापति ने इस बैठक में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण पर निर्णय लेने को कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed