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यूपी : 450 ट्रेनों से प्रदेश में पहुंचे पांच लाख से अधिक मजदूर, ग्रामीण अंचलों में भी बढ़ा कोरोना का खतरा

Sat, 16 May 2020 07:45 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Mohit Mudgal Updated Sat, 16 May 2020 07:45 PM IST
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up more than five lakh migrant reached in uttar pardesh by 449 trains
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि दूसरे राज्यों से देश में सबसे अधिक प्रवासी कामगार यूपी में आए हैं। प्रदेश में अब तक 450 ट्रेनों से 5.64 लाख प्रवासी कामगार एवं श्रमिक आए हैं। सर्वाधिक 223 ट्रेनें गुजरात से आई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ट्रेनों में श्रमिकों के किराये का खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है।

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अवस्थी ने बताया कि श्रमिकों को कोई समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात से 223 ट्रेनों से 3 लाख, महाराष्ट्र से 97 ट्रेनों से 1.20 लाख, पंजाब से 78 ट्रेनों से 90 हजार लोग आए हैं। इसके अलावा तेलंगाना से 6, केरल से 5, तमिलनाडु से 4, आंध्र प्रदेश से 2, मध्य प्रदेश से 2, राजस्थान से 12, गोवा से 2 ट्रेनें प्रवासी कामगारों को लेकर यूपी आ चुकी हैं। 286 और ट्रेनें चलाने की सहमति हो गई है, जिनसे लगभग 3.85 लाख प्रवासी श्रमिक प्रदेश में आएंगे।
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बड़ी संख्या में पैदल, अपने साधन से या ट्रकों के जरिए जो लोग यूपी के गांवों में आ रहे हैं उनसे प्रदेश में कोरोना का संकट और गहरा गया है। इसे रोकने के सारे उपाय नाकाम हो रहे हैं। ऐसे लोग जिनकी कहीं कोई लिस्टिंग नहीं हुई है, वे सीधे गांवों में पहुंच रहे हैं और अपने घरों को जा रहे हैं। ऐसे में गांवों में कोरोना वायरस का संकट गहराने की संभावना बढ़ गई है।  औरैया में हादसे के बाद शासन ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में कोई श्रमिक पैदल या अवैध वाहनों से सफर न करे। इसके लिए जिलों के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि सभी जिलों के अधिकारियों को इस आदेश का पालन सख्ती से कराने के निर्देश दिए गए हैं। बॉर्डर वाले जिलों में 200-200 बसें उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही बॉर्डर के जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन मजदूरों को वहां शेल्टर होम में रखा जाए, वहां उनके भोजन की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे पैदल और असुरक्षित यात्रा न करें। सरकार उनके लिए प्रबंध कर रही है। अब तक प्रदेश में 450 ट्रेनों से पांच लाख से अधिक मजदूरों को लाया जा चुका है।

जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पैदल चल रहे लोगों को अपने क्षेत्रों के शेल्टर होम में क्वारंटीन कराएं और बसों से इन्हें इनके गृहजिले तक भेजने का प्रबंध करें। जो भी प्रवासी मजदूर आ रहे हैं, उनसे  गांवों की निगरानी समितियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांव में आने वालों का पूरा ब्योरा रखें। ग्रामीण स्तर पर भी थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए अल्ट्रा रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  


बिना चेहरा ढके निकलने वालों पर 500 रुपये तक जुर्माना
अवस्थी ने बताया कि अब चेहरा ढके बिना निकलने वालों पर पहली बार में 100 रुपये, दूसरी बार में 100 रुपये और तीसरी बार में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई है। दुपहिया वाहनों पर भी एक से अधिक व्यक्ति को बैठाकर चलने की अनुमति नहीं होगी। विषम परिस्थितियों में चलने के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी। अगर एक बाइक पर बिना अनुमति के दो व्यक्ति बैठे पाए जाते हैं तो पहली बार में 250 रुपये, दूसरी बार में 500 रुपये और तीसरी बार में 1000 रुपये जुर्माना लगेगा। चौथी बार पकड़े जाने पर गाड़ी चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। 

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