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यूपी: प्रदेश में अब और सटीक तरीके से मिलेगी मौसम की जानकारी, कई जिलों में बनेंगे ऑटोमैटिक केंद्र
Mon, 08 Jun 2026 08:35 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 08 Jun 2026 08:35 PM IST
सार
Weather in UP: आने वाले दिनों में यूपी में मौसम की जानकारी और भी सटीक तरीके से मिलेगी। इससे आम आदमी के साथ-साथ खेती करने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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यूपी में मौसम की जानकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने के लिए लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के रूप में अपग्रेड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को इसका शुभारंभ किया।
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इस केंद्र को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का अधिकार क्षेत्र प्राप्त होगा। रीजनल कमांड सेंटर का दर्जा मिलने से यूपी के गंगा के घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों समेत उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम की निगरानी, सटीक पूर्वानुमान और समयबद्ध पूर्व चेतावनी सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
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प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से बचेंगे अन्नदाता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र किसानों को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने, आकाशीय बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि वाला उत्तर प्रदेश फिलहाल 21 प्रतिशत खाद्यान्न ही उत्पादन करता है। बारिश, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अनावृष्टि की समय पर सटीक जानकारी मिले तो प्रदेश के पास देश के 35 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता है। प्रदेश का यह उच्चीकृत मौसम विज्ञान केंद्र किसानों की आय बढ़ाने और फसलों को नुकसान से बचाने व आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होगा।
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अर्ली वार्निंग सिस्टम से घटा जनधन का नुकसान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्ष में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में बड़ा सुधार हुआ है। अब अर्ली वार्निंग सिस्टम के जरिये लोगों के मोबाइल पर आंधी-तूफान, भारी बारिश और बिजली जैसी घटनाओं के पूर्वानुमान के अलर्ट मेसेज तीन घंटे पहले भेजे जा रहे हैं। इससे जनधन की हानि में कमी आई है।
सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि समय रहते मिली मौसम की चेतावनी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं, मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में भी अर्ली वार्निंग सिस्टम के कारण उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मौसम संबंधी और सटीक जानकारी के लिए अपना उपग्रह स्थापित करने के लिए इसरो से अनुरोध भी किया है।
450 मौसम केंद्र और नए रडार होंगे मददगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक मौसम केंद्र और 2000 ऑटोमेटिक रेनगेज स्थापित किए जा चुके हैं। आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में एक्स बैंड डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण वर्षा, तापमान, हवा की गति और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी करेंगे।
सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि समय रहते मिली मौसम की चेतावनी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं, मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में भी अर्ली वार्निंग सिस्टम के कारण उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मौसम संबंधी और सटीक जानकारी के लिए अपना उपग्रह स्थापित करने के लिए इसरो से अनुरोध भी किया है।
450 मौसम केंद्र और नए रडार होंगे मददगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक मौसम केंद्र और 2000 ऑटोमेटिक रेनगेज स्थापित किए जा चुके हैं। आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में एक्स बैंड डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण वर्षा, तापमान, हवा की गति और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी करेंगे।