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'जमीन के सौदे में लगा प्रजापति का पैसा'

Thu, 15 Jan 2015 01:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 15 Jan 2015 01:45 PM IST
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Up minister gayatri prasad prajati involve in property scam.

आय से अधिक संपत्ति मामले भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ जांच कर रहे लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने इस विभाग के प्रमुख सचिव से कई सूचनाएं मांगी हैं।

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इसमें हाल ही में माइंस एंड मिनिरल एक्ट में किए गए संशोधन से संबंधित फाइल भी है। इस बदलाव में एक्ट की धारा 51 (9) में संशोधन करके खनन पट्टों का आवंटन ई-टेंडरिंग के जरिये करने का प्रावधान किया गया है लेकिन यह शर्त जोड़ दी गई है कि अंतिम रूप से पट्टा आवंटित करने से पहले सरकार का अनुमोदन लेना होगा।
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इस संशोधन के बाद सरकार को फिक्स रायल्टी के अलावा अतिरिक्त रायल्टी वसूलने का भी अधिकार मिल गया है। यानी कहने को तो पट्टों का आवंटन ई-टेंडरिंग के जरिये होना है लेकिन पूरा अधिकार सरकार के पास ही है। लोकायुक्त इसकी भी छानबीन करेंगे कि इस प्रावधान के जरिये तो कहीं गोरखधंधा नहीं चल रहा है।

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खनन अफसरों के निलंबन व बहाली की फाइल भी मंगाई

Up minister gayatri prasad prajati involve in property scam.

लोकायुक्त ने खनन विभाग से जालौन के खनन अधिकारी संगम लाल और इलाहाबाद के खनन अधिकारी महबूब के  निलंबन और बहाली की फाइलें भी तलब की हैं। कुछ समय पहले इन दोनों को अवैध खनन के आरोप में निलंबित कर दिया था। फिर कुछ दिन बाद ही बहाल करके  फिर वहीं तैनाती दे दी गई।

राबर्ट्सगंज के चौ. यशवंत सिंह की ओर से की गई शिकायत पर लोकायुक्त ने सोनभद्र के डीएम से रिपोर्ट मांगी है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्र में किन-किन लोगों को खनन के कितने पट्टे दिए गए हैं। डीएम से एक सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।

लोकायुक्त ने शिकायतकर्ता से भी उन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मांगे गए जिसमें उन्होंने एक साल में 12 अधिकारियों को हटाए जाने की बात कही है। विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जाएगी कि अफसरों को जल्दी-जल्दी हटाने के पीछे क्या कारण रहे हैं?

गवाही ने बढ़ा दी मंत्री की मुश्किलें

Up minister gayatri prasad prajati involve in property scam.

आय से अधिक संपत्ति मामले में बुधवार को पहली गवाही से भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा और कस गया है। गवाह पिंटू यादव ने लोकायुक्त को बताया कि गायत्री की कंपनी एमजीएम कॉलोनाइजर्स की ओर से जिस जमीन का इकरारनामा उन्होंने किया है, उसमें निवेश गायत्री का है। गायत्री ने अपने खाते से तीन चेकों के जरिये 15 लाख रुपये का भुगतान किया।

पिंटू ने कहा कि अंबेडकरनगर के अरदौनामऊ में खरीदी गई इस जमीन के लिए उन्होंने कोई पैसा नहीं दिया। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने पिंटू का लिखित बयान दर्ज कर लिया है। पिंटू ने लोकायुक्त को यह भी बयान दिया कि न तो उनका एमजीए कॉलोनाइजर्स से कोई संबंध है और न ही वे उसके कर्मचारी हैं।

गौरतलब है कि लोकायुक्त से की गई शिकायत में पिंटू को गायत्री की कंपनी का डायरेक्टर बताया गया है। लोकायुक्त ने गायत्री के परिजनों और करीबियों के साथ-साथ पिंटू को भी नोटिस जारी करके एमजीए कॉलोनाइजर्स के बारे में जवाब-तलब किया था।

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