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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Maternal anemia management center will be built in every CHC, blood test of women, separate ward for anemia victims

यूपी : हर सीएचसी में बनेगा मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर, महिलाओं के खून की जांच, एनीमिया पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड

Thu, 21 Apr 2022 07:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 21 Apr 2022 07:50 PM IST
सार

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 15 से 19 साल की 59.1 फीसदी और 15 से 49 साल की 52.2 फीसदी गर्भवती एनीमिया की चपेट में हैं।

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UP: Maternal anemia management center will be built in every CHC, blood test of women, separate ward for anemia victims
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रदेश के महिलाओं में खून की कमी को देखते हुए उनके इलाज की पुख्ता रणनीति बनाई गई है। इसके लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर बनाया जाएगा। यहां महिलाओं की खून की जांच की जाएगी। अस्पतालों में एनीमिया पीड़ित महिलाओं को भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड बनेगा।

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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 15 से 19 साल की 59.1 फीसदी और 15 से 49 साल की 52.2 फीसदी गर्भवती एनीमिया की चपेट में हैं। इनमें गर्भावस्था के दौरान कई तरह की समस्या होती है। प्रदेश में लागू की गई नई जनसंख्या नीति में जच्चा-बच्चा मृत्यूदर रोकने का संकल्प लिया गया है। इसमें पांच साल तक के बच्चों में कुपोषण की दर 17.9 फीसदी को 2026 तक घटाकर 16.4 फीसदी  करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मातृ मृत्यूदर को घटाने की योजना बनाई गई है। 
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अभी एक लाख पर मातृ मृत्यूदर 197 है, जिसे 2026 में 150 और 2030 में 98 पर लाने की तैयारी है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं  का स्वस्थ्य होना जरूरी है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि एनीमिया को दूर करके जच्चा-बच्चा दोनोंको सुरक्षित किया जा सकता है। इसी के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर खोलने का फैसला लिया गया है। 
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इस सेंटर में किशोरियों, अस्पताल आने वाली महिलाओंऔर गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। खून की जांच के साथ ही उनका शूगर, ब्लड प्रेशर आदि की जांच भी निशुल्क की जाएगी। इसके लिए नर्स को आपाकतकालीन आब्स केयर (इएमओसी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेदब्रत सिंह ने बताया कि एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए यह सेंटर स्थापित किया जाएगा। यदि समय से जांच हो जाएगी और यह बता चल जाएगा कि संबंधित महिला एनीमिया की चपेट में है तो उसका इलाज किया जा सकेगा। एनीमिया की चपेट में आने के कारणों की पड़ताल हो सकेगी।

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