फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Major Revelation in ATS Investigation—Suspected Terrorists Were in Contact with Pakistani Handlers and Rec

UP: एटीएस की तफ्तीश में बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे संदिग्ध आतंकी, खातों में आती थी रकम

Fri, 08 May 2026 10:04 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 08 May 2026 10:04 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश एटीएस ने बाराबंकी और कुशीनगर से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों पिछले पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे। आरोपियों के खातों में विदेश से रकम भेजी गई थी। दोनों संवेदनशील स्थानों की रेकी और युवाओं को भड़काऊ संदेश भेज रहे थे।

विज्ञापन
UP: Major Revelation in ATS Investigation—Suspected Terrorists Were in Contact with Pakistani Handlers and Rec
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

बाराबंकी और गोरखपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी पिछले पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। हैंडलर्स ने उनको रकम भी भेजी थी। इसका खुलासा एटीएस की जांच में हुआ है। जांच एजेंसी सोशल मीडिया से मिले सुबूतों की तस्दीक कर रही है। वह जल्द दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।

विज्ञापन


एसटीएस ने बाराबंकी के दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया था। बुधवार को एटीएस ने खुलासा किया था कि दोनाें पाकिस्तानी हैंडलर्स शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। 
विज्ञापन


उनके कहने पर वह रक्षा प्रतिष्ठानों समेत अन्य तमाम प्रमुख व संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे। वर्दीधारियों की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। एटीएस के मुताबिक आरोपियों के खातों में पैसों का ट्रांजेक्शन मिला है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये रकम कम जरूर है, लेकिन पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा भेजी गई है। आरोपी कृष्णा सोनीपत में एक जींस की शॉप में जबकि दानियाल एक ज्वैलरी की दुकान पर काम करता था। एटीएस का कहना है कि रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, जिससे पता चल सकेगा कि हथियार किसने मुहैया कराया था। 


और कौन-कौन लोग निशाने पर थे। वहीं सोशल मीडिया अकाउंट से पता चला है कि दोनों ने अपने स्तर से सौ से अधिक युवाओं को देश विरोधी वीडियो व मैसेज भेजे थे। जो लोग इन दोनों से जुड़े थे, उनके बारे में भी जांच एजेंसी जानकारी जुटा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed