फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Letter written to 450 part-time instructor, CM, looking for employment for one and a half years

यूपी : डेढ़ साल से रोजगार की बाट जोह रहे 450 अंशकालिक प्रशिक्षक, सीएम को लिखा पत्र

Thu, 20 May 2021 12:40 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 20 May 2021 12:40 AM IST
सार

यूपी ओलंपिक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है, प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में प्रवासी श्रमिकों के अलावा दिहाड़ी मजदूरों तक को आर्थिक मदद दी है। ऐसे मेें ये खेल प्रशिक्षक तो तकनीकी रूप से काफी दक्ष है सरकारी मदद पाने के अधिकारी है।

विज्ञापन
UP: Letter written to 450 part-time instructor, CM, looking for employment for one and a half years
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : एएनआई

विस्तार

वर्ष 2017 में प्रदेश का सर्वोच्च खेल सम्मान लक्ष्मण अवॉर्ड पाने वाले सनीश मणि मिश्रा की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि उन्हें शादी में दूसरों की कार चलाकर करके पैसा कमाना पड़ रहा है। दरअसल, मिश्रा लंबे समय तक खेल विभाग में अंशकालिक प्रशिक्षक के रूप में तैनात रहे, लेकिन पिछले डेढ़ साल से उनके जैसे प्रदेश के तकरीबन साढ़े चार सौ प्रशिक्षक या तो घरों पर खाली बैठे है या छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर यूपी ओलंपिक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है, प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में प्रवासी श्रमिकों के अलावा दिहाड़ी मजदूरों तक को आर्थिक मदद दी है। ऐसे मेें ये खेल प्रशिक्षक तो तकनीकी रूप से काफी दक्ष है सरकारी मदद पाने के अधिकारी है। 

विज्ञापन


सनीश बताते हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है। इसलिए गोंडा में अपने गांव चला आया। काफी दिन से खाली बैठा था तो लगा शादी में गाड़ियां की चलाकर कुछ पैसा जुटा लूं। जहां तक अंशकालिक प्रशिक्षकों की जॉब का सवाल है वह तो शासन स्तर पर ही डेढ़ साल से विचाराधीन है। सरकार में कई बार अपने और साथी प्रशिक्षकों की समस्या की गुहार लगा चुका हूं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। बेहतर भविष्य के इंतजार में हूं।
विज्ञापन


केवल सनीश ही क्यों देश को पावरलिफ्टिंग में तमाम पदक दिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शत्रुघन लाल ने अपने परिवार का पेट पालने के लिए पिछले चाट का ठेला लगाया। चार-पांच माह बाद उन्हें यह काम बंद करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों को घर में जाकर पर्सनल ट्रेनिंग देनी शुरू की, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद उनका यह काम भी ठप हो गया है। शत्रुघन बताते हैं कि पहले की तुलना में मेरे घर की माली हालत और भी खराब हो गई है, लेकिन क्या कर सकते हैं। जितनी भी जमापूंजी भी खत्म होने को है। अब बस ईश्वर से कामना है कि जल्द ही कोरोना बीमारी से आमजन से निजात मिले ताकि मेरे जैसे प्रशिक्षक मुखमरी से बच जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


‘जिस तरह बीते दिनों खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मदद के लिए एक कमेटी बनाई है। उसी तर्ज पर यूपी में भी खेल विभाग और यूपी ओलंपिक एसोसिएशन एक कमेटी बनाकर जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आना होगा। सरकार को ऐसे खिलाड़ियों को चिह्नित करना होगा। राज्य सरकार की ओर से पिछले डेढ़ साल से खाली बैठे अंशकालिक प्रशिक्षकों को भी वरीयता के अनुसार चयनित करके कुछ आर्थिक मदद पहुंचाई जानी चाहिए ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।’ आनंदेश्वर पांडेय (महासचिव, यूपी ओलंपिक एसोसिएशन)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed