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यूपी: ज्योतिषाचार्य से जानिए वर्ष 2026 में किस तरह से होगा आपका भाग्योदय, हर राशि के अनुसार समझें समाधान
Mon, 29 Dec 2025 09:41 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 29 Dec 2025 09:41 PM IST
सार
Horoscope for the year 2026: ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, वर्ष 2026 में गुरु बृहस्पति दो जून तक मिथुन राशि में रहेंगे, फिर 2 जून से 31 अक्तूबर तक कर्क राशि में रहेंगे।
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2026 में राशि के अनुसार भाग्य।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नववर्ष आने वाला है और इसे लेकर लोग उत्साहित भी हैं। हर कोई वर्ष 2026 को लेकर योजनाएं बना रहा है और इसे बेहतर बनाना चाहता है। ज्योतिष के अनुसार, सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ने वाला है। देश-प्रदेश में होने वाली गतिविधियों के साथ ही व्यक्तिगत जीवन को सफल बनाने के लिए भी ज्योतिषाचार्य उपाय बता रहे हैं।
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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, वर्ष 2026 में गुरु बृहस्पति दो जून तक मिथुन राशि में रहेंगे, फिर 2 जून से 31 अक्तूबर तक कर्क राशि में रहेंगे। कुंभ से निकलकर पांच दिसंबर को राहु मकर में गोचर करेगा। सिंह से निकलकर केतु कर्क में गोचर करेगा। 16 जनवरी 2026 को धनु से निकलकर मंगल मकर में गोचर करेगा। इसके बाद वह कुंभ, मीन, मेष, मिथुन, कर्क और सिंह में गोचर करेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु की मिथुन राशि में स्थिति के दौरान, मीडिया में भ्रमित सूचनाओं का प्रसार और कूटनीतिक तनाव बढ़ सकते हैं।
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गुरु की कर्क राशि में उच्च अवस्था के दौरान जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, तूफान और जल संबंधित प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं। जब गुरु, कर्क राशि के दौरान आर्थिक स्थिरता, सरकारी कल्याण योजनाओं, कृषि और रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। 31 अक्तूबर 2026 को गुरु, सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे प्रभावशाली नेताओं का उदय और वैश्विक राजनीति में बदलाव की संभावना है।
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राशियों के अनुसार इन उपायों से मिलेगी शुभता
साल 2026 का राशिफल
- फोटो : amar ujala
मेष - हनुमान चालीसा और बजरंगबाण का पाठ करना चाहिए। शुभ रंग लाल रहेगा, शुभ दिन मंगलवार।
वृषभ - घर की दक्षिण-पूर्व दिशा को साफ-सुथरा खें, महालक्ष्मी की आराधना करें, श्रीसूक्त का पाठ करें, छोटी कन्याओं को उपहार दें।
मिथुन - गणेश जी व मां दुर्गा की आराधना, गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
कर्क - चांदी धारण करें, पूर्णिमा का व्रत रखें और भगवान शिव की पूजा करें।
सिंह - आदित्य हृदय स्तोत्रम का पाठ करें, सूर्य ग्रह के बीज मंत्र का जप करें।
कन्या - मां दुर्गा की उपासना व हरे रंग का ज्यादा इस्तेमाल करें। शुभ दिन बुधवार।
तुला - माता लक्ष्मी की आराधना करें। विधवाश्रम में दान करें, शुक्र मजबूत होगा। दक्षिण-पूर्व दिशा रहेगी शुभ।
वृश्चिक - हनुमान चालीसा का पाठ करें। दक्षिण दिशा शुभ।
धनु - विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, आप पर शनि की ढैय्या चल रही है इसलिए शनि मंदिर जाएं और सरसों का तेल शनि देव को चढ़ाएं। गुरु ग्रह के मंत्रों का जप करें।
मकर - शनि चालीसा का पाठ करें, काली चीजों का दान करें। शनि स्तोत्र का पाठ करें।
कुंभ - हनुमान जी की आराधना शुभ। पश्चिम दिशा को साफ रखें, माता का आशीर्वाद लें। पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन - गुरुवार के दिन जल्दी उठें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
वृषभ - घर की दक्षिण-पूर्व दिशा को साफ-सुथरा खें, महालक्ष्मी की आराधना करें, श्रीसूक्त का पाठ करें, छोटी कन्याओं को उपहार दें।
मिथुन - गणेश जी व मां दुर्गा की आराधना, गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
कर्क - चांदी धारण करें, पूर्णिमा का व्रत रखें और भगवान शिव की पूजा करें।
सिंह - आदित्य हृदय स्तोत्रम का पाठ करें, सूर्य ग्रह के बीज मंत्र का जप करें।
कन्या - मां दुर्गा की उपासना व हरे रंग का ज्यादा इस्तेमाल करें। शुभ दिन बुधवार।
तुला - माता लक्ष्मी की आराधना करें। विधवाश्रम में दान करें, शुक्र मजबूत होगा। दक्षिण-पूर्व दिशा रहेगी शुभ।
वृश्चिक - हनुमान चालीसा का पाठ करें। दक्षिण दिशा शुभ।
धनु - विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, आप पर शनि की ढैय्या चल रही है इसलिए शनि मंदिर जाएं और सरसों का तेल शनि देव को चढ़ाएं। गुरु ग्रह के मंत्रों का जप करें।
मकर - शनि चालीसा का पाठ करें, काली चीजों का दान करें। शनि स्तोत्र का पाठ करें।
कुंभ - हनुमान जी की आराधना शुभ। पश्चिम दिशा को साफ रखें, माता का आशीर्वाद लें। पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन - गुरुवार के दिन जल्दी उठें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।